बिहार: मुंगेर जिले की स्थापना दिवस पर नहीं पहुंचे सांसद से मंत्री तक, फीका पड़ा कार्यक्रम

मुंगेर में हर साल की तरह 3 से 5 दिसम्बर को मुंगेर स्थापना और मुंगेर महोत्सव धूम धाम से मनाया जाता है. लेकिन इस बार महोत्सव और स्थापना दिवस वासियों के लिए फीका पड़ गया. वैसे तो जिला प्रशाशन द्वारा ताम झाम के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियों कई दिनों से जोर शोर में लगी थी.

बिहार: मुंगेर जिले की स्थापना दिवस पर नहीं पहुंचे सांसद से मंत्री तक, फीका पड़ा कार्यक्रम
कार्यक्रम के उद्घाटन में बिहार सरकार के मंत्री, स्थानीय सांसद और अधिकारी तक नदारद दिखे

मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में पहली बार मुंगेर महोत्सव और स्थापना दिवस का कार्यक्रम फीका पड़ गया. कार्यक्रम के उद्घाटन में बिहार सरकार के मंत्री, स्थानीय सांसद-विधायक और अधिकारी तक नदारद दिखे इसलिए स्थापना दिवस मुंगेर के लोगों के लिए फीका पड़ गया. 

दरअसल मुंगेर में हर साल की तरह 3 से 5 दिसम्बर को मुंगेर स्थापना और मुंगेर महोत्सव धूम धाम से मनाया जाता है. लेकिन इस बार महोत्सव और स्थापना दिवस वासियों के लिए फीका पड़ गया. वैसे तो जिला प्रशाशन द्वारा ताम झाम के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियों कई दिनों से जोर शोर में लगी थी. लेकिन उद्घाटन में सिर्फ जिले के प्रभारी उप विकास आयुक्त प्रशांत कुमार, विधायक विजय कुमार विजय, नगर निगम मेयर रूमा राज मौजूद थे.

जिला प्रसाशन ने मुंगेर महोत्सव और स्थापना दिवस कार्यक्रम के उद्घाटन को लेकर मंत्री, सांसद ,विधान पार्षद व विधायकों का नाम के साथ कई वरिष्ठ लोगों का नाम छपवाया लेकिन जिले के दो जेडीयू विधायक- डॉ मेवा लाल चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार और स्थानीय विधायक विजय कुमार विजय भी अनुपस्थित रहे.

वहीं, मंच पे लगाए गए जिला परिषद अध्य्क्ष राम चरित्र मंडल भी नदारद थे. इस कार्यक्रम के सम्बोधन में आरजेडी विधायक विजय कुमार विजय ने दुख जताते हुए कहा की इतने बड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम उदास लग रहा है. जबकि प्रफुलित वातावरण रहना चाहिए और लोगो की भागदीरी होनी चाहिए. उन्होंने कहा जिस शहर का स्थापना दिवस मना रहे उस शहर में पैदल चलना मुशिकल हो रहा है और कहीं नियम कानून नहीं है. 

शहरवासियों की मानें तो मुंगेर महोत्स्व व स्थापना दिवस प्रसाशन को सुनिचित करना होगा. उन्होंने कहा की ऐसा देखा जा रहा है की यह कार्यक्रम प्रसाशनिक कार्यक्रम बन जाता है. जिसके कारण आम जनता नहीं जुड़ पाती है.