बिहार के लाल ने एवरेस्ट से दिया था जल संरक्षण का संदेश, केंद्रीय मंत्री ने रिलीज की शॉर्ट फिल्म

इस शॉर्ट फिल्म में उस हिस्से को भी शामिल किया गया है, जिसमें वह एवरेस्ट से जल बचाने का संदेश दे रहे हैं. 

बिहार के लाल ने एवरेस्ट से दिया था जल संरक्षण का संदेश, केंद्रीय मंत्री ने रिलीज की शॉर्ट फिल्म

पटना: उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी और बिहार के लाल रविंद्र कुमार ने एवरेस्ट की चढ़ाई कर कई कीर्तिमान बनाए. इस बार रविंद्र कुमार अपनी फिल्म को लेकर सुर्खियों में है. उनके इस कीर्तिमान पर 15 मिनट की एक शॉर्ट फिल्म बनाई गई है. इस फिल्म में दिखाया है गया है कि किस तरह से इच्छाशक्ति के प्रबल होने पर इंसान तमाम तरह की चुनौतियों को पछाड़कर एवरेस्ट की ऊंचाई हासिल कर सकता है. इस वीडियो में जल संरक्षण का भी जिक्र किया गया है.

रविंद्र कुमार पर बनी इस शॉर्ट फिल्म में उस हिस्से को भी शामिल किया गया है, जिसमें वह एवरेस्ट से जल बचाने का संदेश दे रहे हैं. साथ ही उन दृश्यों का भी जिक्र किया है जिसका सामना एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान उन्होंने की. इस फिल्म का लोकार्पण भारत सरकार के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया, जिसका शीर्षक है 'शिखर से पुकार'.

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इस मौके पर रविंद्र कुमार द्वारा लिखी गई किताब का भी लोकार्पण किया गया. किताब में रविंद्र कुमार ने युवाओं को संदेश दिया है कैसे आप समाज में अपना योगदान दे सकते है. रविंद्र कुमार ने कहा कि कुछ साल पहले उनका वजन 80 किलो से अधिक हो चुका था, लेकिन उन्होंने केवल अपनी इच्छाशक्ति के कारण कुछ महीनों के अंदर ही वजन को 20 किलो तक कम किया.

यह फिल्म केंद्र सरकार के 'जलशक्ति अभियान' को बढ़ावा देने के मकसद से बनाई गई है, जिसमें आईएएस अधिकारी रविंद्र कुमार के एवरेस्ट फतह को भी दर्शाया गया है. रविंद्र कुमार ने एवरेस्ट की ऊंचाई से देश को स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश देते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड की थी. फिल्म में हिमालय को महत्व को बताते हुए भारत में जरूरी जल के लिए सबसे प्रमुख जल स्रोत के तौर पर दिखाया गया है. 

रवींद्र कुमार बिहार के बेगूसराय जिले के चेरियाबरियारपुर प्रखंड के बसही गांव निवासी शिवनंदन प्रसाद सिंह के बेटे हैं. इससे पहले उन्होंने वर्ष 2013 में माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल की थी. उनकी पढ़ाई चेरियाबरियारपुर बसी ग्राम के प्राथमिक विद्यालय से शुरू हूई. फिर वह नवोदय विद्यालय, फिर मुम्बई के चाणक्या सेंटर से पढ़ाई कर मर्चेंट नेवी में जॉब किए. लगभग 9 वर्षों तक यूरोपियन फिनावल स्पा में कार्यरत रहे फिर उन्होंने आईएस की पढ़ाई की और पास करने के बाद सिक्किम में उनका पोस्टिंग हूई.