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बिहार: राजगीर, गया, नवादा तक पहुंचेगा 'गंगाजल', पेयजल के रूप में होगा इस्तेमाल

जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव कुमार हंस ने बताया कि गंगा के पानी को पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राजगीर, नवादा और गया तक पाईप लाइन बिछाई जाएगी और ड्रिंकिंग वाटर के लिए 90 एमसीएम (मिलियन क्यूसेक मीटर) तक स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी. 

बिहार: राजगीर, गया, नवादा तक पहुंचेगा 'गंगाजल', पेयजल के रूप में होगा इस्तेमाल
इस परियोजना के लिए 190.90 किलोमीटर लंबी पाईप लाइन बिछाई जाएगी.

पटना: बिहार के गया, राजगीर (नालंदा) और नवादा के लोग अब पवित्र गंगा जल का इस्तेमाल पेयजल के रूप में करेंगे. इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने पहल प्रारंभ कर दी है. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस पेयजल आपूर्ति योजना के लिए सड़क के किनारे-किनारे पानी ले जाया जाएगा, जिसके लिए 190़ 90 किलोमीटर लंबी पाईप लाइन बिछाई जाएगी.

जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव कुमार हंस ने बताया कि गंगा के पानी को पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राजगीर, नवादा और गया तक पाईप लाइन बिछाई जाएगी और ड्रिंकिंग वाटर के लिए 90 एमसीएम (मिलियन क्यूसेक मीटर) तक स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी. 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शहर में 'सेलेक्टेड स्टोरेज टैंक' भी बनाया जाएगा. इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हाल ही में अधिकारियों के एक दल ने तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जाकर 'ड्रिंकिंग वाटर प्रोजेक्ट' का सर्वेक्षण भी किया है. 

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को लेकर अधिकारियों और विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक की थी. बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने इस योजना को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया था. 

जलसंसाधन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया, 'इस योजना के तहत हाथीदह से सरमेरा, बरबीघा और गिरियक तक पाईप जाएगी. एक पाईप लाइन गिरियक से राजगीर, जबकि दूसरी पाईप लाइन नवादा जाएगी. पाईप लाइन गिरियक से वाणगंगा होते हुए तपोवन, जेठियन और दशरथ मांझी होते हुए मानपुर पहुंचेगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है.' (इनपुट IANS से भी)