close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बेतिया: चलती गाड़ी में युवती के साथ गैंगरेप, सगे भाइयों पर लगाया आरोप

पीड़ित लड़की से चलती गाड़ी में चार युवकों ने रेप की वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर महिला थाने में केस दर्ज हुआ है. 

बेतिया: चलती गाड़ी में युवती के साथ गैंगरेप, सगे भाइयों पर लगाया आरोप
पीड़िता ने अपने दो सगे भाईयों समेत चार लोगों पर अगवा करने के बाद रेप का आरोप लगाया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बेतिया: बिहार (Bihar) के बेतिया में गैंगरेप (Gangrape) का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़ित लड़की से चलती गाड़ी में चार युवकों ने रेप (Rape)की वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर महिला थाने में केस दर्ज हुआ है. फिलहाल पीड़ित लड़की का गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है लेकिन अभी मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है.

लड़की ने अपने दो सगे भाईयों समेत चार लोगों पर अगवा करने के बाद रेप का आरोप लगाया है. पीड़िता का आरोप है कि उसे अगवा करने के बाद पहले तो चलती गाड़ी में और उसके बाद नगर थाना क्षेत्र के संतघाट नहर के पास ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है.

 

पीड़ित लड़की ने बताया की वह शुक्रवार की रात नगर के कोतवाली चौक स्थित अपनी भाभी के घर जा रही थी, तभी एक गाड़ी पर सवार होकर चार लोग आए और उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया. लड़की के मुताबिक सभी आरोपियों ने अपना मुंह ढ़का हुआ था, हालांकि गाड़ी में दो लोगो के चेहरे से नकाब उतर गया जिससे लड़की ने दोनों को पहचान लिया. आरोपियो ने उसे किसी से शिकायत ना करने की चेतावनी भी दी थी. बहरहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान रही है और लड़की का मेडिकल टेस्ट कराकर  पूरे मामले की तहकीकात में जुट गई है.

पीड़ित लड़की ने बताया की मां-पिता की पिटाई के बाद वह मुज्जफ्फरपुर भाग गई थी और बालिका गृह कांड के खुलासे के दो दिन पहले वह बालिका गृह पहुंची थी, जहां से उसे मोकामा बालिका गृह भेज दिया गया था. जिसके बाद उसे लेकर परिजन बेतिया चले आए थे. लड़की को सरकार ने 7 लाख रूपये का मुआवजा भी दिया है. लड़की अकेले ही किराए के मकान में माता पिता से अलग रहती है.

बेतिया में हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर लिया है, लेकिन बेतिया एसपी इस पूरे मामले में साफ बोलने से इंकार कर दिया, उन्होंने बताया है कि पूरा मामला अभी संदिग्ध बना हुआ है, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कार्रवाई की जायेगी.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की पीड़ित 44 बच्चियों में से आठ को उनके परिवार को लोगों से मिलाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड की पीड़िताओं के लिए फंड जारी करने और अन्य जरूरी आर्थिक मदद देने का भी आदेश दिया था. टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की रिपोर्ट में पीड़ित लड़कियों और उनके परिवार के पुर्नवास को लेकर प्लान सौंपा गया था. चाइल्ड वेलफेयर कमिटी और बिहार सरकार स्टेटस रिपोर्ट को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना था. 

आपको बता दें कि पिछले साल टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में लड़कियों के साथ ज्यादती का खुलासा हुआ था. यहां करीब 34 लड़कियों के शोषण का मामला सामने आने पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. राज्य सरकार ने लड़कियों को छुड़ाकर शेल्टर होम और कुछ को घर भेज दिया था. यह शेल्टर होम बृजेश ठाकुर चलाता था. पिछले साल 31 मई को ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. (Edited By: Kamlesh Yadav)