कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी में जुटा प्रशासन, गया को ऑक्सीजन उत्पादन में बना रहा 'आत्मनिर्भर'

Gaya Samachar: सरकार कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां भी कर रही है, ताकि दूसरी लहर में हो रही समस्याओं का निदान कर लोगों के जीवन को बचाया जा सके.

कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी में जुटा प्रशासन, गया को ऑक्सीजन उत्पादन में बना रहा 'आत्मनिर्भर'
कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी में जुटा प्रशासन. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Gaya: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मार ने पूरे बिहार में हड़कंप मचा दिया था. लोग ऑक्सीजन के लिए मारामारी कर रहे थे ताकि अपने परिवार के लोगों के जीवन को बचा सके. ऐसे में अब बिहार में फिर ये स्थिति पैदा ना हो इसके लिए भारत व बिहार सरकार पहल कर ऑक्सीजन की कमी को दूर करने की तैयारियों में जुट गई है.

इसके साथ ही सरकार कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां भी कर रही है, ताकि दूसरी लहर में हो रही समस्याओं का निदान कर लोगों के जीवन को बचाया जा सके.

मगध साम्राज्य के मोक्ष और ज्ञान की नगरी गया के एकमात्र बड़े अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में पूरे मगध के सभी जिलों के मरीजों का इलाज किया जाता है. साथ ही पड़ोसी राज्य झारखंड के भी कुछ जिले से मरीज अपना इलाज करवाने इस अस्पताल में आते हैं. कोरोना काल में बढ़ती संक्रमितों की संख्या को देखते हुए इस अस्पताल को कोविड डेडीकेटेड अस्पताल भी घोषित किया गया है. जहां कोरोना के मरीजों का इलाज किया जाता है.

बता दें कि इस अस्पताल में कोविड की पहली लहर में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुई थी. लेकिन दूसरी लहर में अस्पताल की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए जिसके बाद अस्पताल की दिशा और दशा में सुधार करने के लिए भारत व बिहार सरकार के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. ताकि इस अस्पताल को एक बेहतरीन अस्पताल का रूप दिया जा सके.

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वहीं, दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. इसके चलते इस समस्या से निपटने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कयावद शुरू कर दी गई है. ताकि तीसरी लहर में कोविड के मरीजों को ऑक्सीजन की कोई परेशानी नहीं हो और सभी कोविड मरीजों को एक समान ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा सके. इसे लेकर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है.

इधर, ऑक्सीजन सप्लाई के कार्य में लगे टेक्नीशियन संजय कुमार ने बताया कि 'यहां ऑक्सीजन प्लांट का कार्य किया जा रहा है. इस प्लांट से एक साथ 500 बेड के मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई की जा सकेगी. वहीं, इस कार्य को पूरा करने में तकरीबन 1 सप्ताह का समय लगेगा. ऑक्सीजन की डिमांड ज्यादा है इसलिए हम लोग चाहते हैं कि इस कार्य को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी पूरा करें ताकि यहां से सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन मुहैया कराया जा सके.'

वहीं, रवि कुमार ने बताया कि 'यहां पर ऑक्सीजन प्लांट को बैठाया जा रहा है. इससे 24 घंटे में करीब 50 से 60 सिलेंडर भरे जाएंगे.' उन्होंने बताया कि 'लॉकडाउन होने के कारण सामान मंगाने में परेशानी हो रही है लेकिन 15 दिनों के अंदर यह प्लांट शुरू हो जाएगा. जिससे कोविड मरीजों को बहुत राहत मिलेगी क्योंकि ऑक्सीजन के चलते बहुत से मरीजों की जान जा रही है.'

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जिलाधिकारी अभिषेक सिंह का कहना है कि 'मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल अभी कोविड डेडीकेटेड अस्पताल बना है और यहां लगभग 200 कोविड मरीजों का इलाज किया जा रहा है. अस्पताल में ऑक्सीजन की डिमांड होती है जिसे फिलहाल हम मैनीफोल्ड और ऑक्सीजन सिलेंडर के माध्यम से सप्लाई कर रहे हैं.
 
प्रतिदिन तकरीबन 600 सिलेंडर की आवश्यकता होती है. जिसका उपयोग किया जा रहा है. साथ ही यहां एक छोटा ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया जा रहा है जो हवा से ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा. अगले 1 सप्ताह से 10 दिनों के अंदर यह तैयार हो जाएगा. जिसके बाद हमारे पास 50 सिलेंडर का बैकअप मौजूद रहेगा.

दूसरा डीआरडीओ और भारत सरकार के सहयोग से BMISL के सौजन्य से एक बड़ा प्लांट भी यहां लगाया जा रहा है जिसकी क्षमता 20 हजार किलो की होगी. यह 544 बेडों पर ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए लगाया जाएगा. इसका प्लेटफार्म भी तैयार कर लिया गया है और इसके बाद स्टोरेज टैंक बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके बन जाने के बाद उसमें लिक्विड ऑक्सीजन रखा जाएगा और सभी बेड तक पहुंचाया जाएगा.

(इनपुट- जय प्रकाश कुमार)