Gaya में संक्रमण की गति में आई भारी गिरावट, रिकवरी रेट बढ़ा 3 गुना ज्यादा

Gaya News: स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त अभियान से जिले में लगातार बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या में एक बार फिर अंकुश लगा दिया गया है.  

Gaya में संक्रमण की गति में आई भारी गिरावट, रिकवरी रेट बढ़ा 3 गुना ज्यादा
Gaya में संक्रमण की गति में आई भारी गिरावट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Gaya: कोरोना की दूसरी लहर के चलते जहां पूरे भारतवर्ष में महामारी से विभिन्न राज्यों में हाहाकार मचा है. वहीं, बिहार में भी इसका असर काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. बिहार के गया जिले में भी भारी संख्या में लोग कोरोना की चपेट में आए हैं.

गया में शहर से लेकर गांव तक कोरोना का असर देखने को मिला. इससे गया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई. लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त अभियान से जिले में लगातार बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या में एक बार फिर अंकुश लगा दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की गति पर काफी हद तक काबू पाने में सफल साबित हो रहा है.

कोरोना से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने शहर से लेकर गांव-गांव तक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया. कोरोना से बचाव के बारे में अवगत कराते हुए उन्होंने इस महामारी से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी ताकि इस संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके.

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दूसरी ओर बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने 5 मई को पूर्ण लॉकडाउन का निर्णय लिया. जिसके बाद 6 मई से पूरे बिहार में सम्पूर्ण लॉकडाउन लागू हो गया और आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी तरह की दुकानों और प्रतिष्ठानो को खोलने की अनुमति नहीं दी गई. पुलिस प्रशासन ने भी पूरी ततपरता से इस आदेश का पालन कराया जिसके चलते अब संक्रमण की गति को रोकने में सार्थक सफलता मिल रही है.

क्या है संक्रमण का आंकड़ा
बता दें कि जिले में अब तक कुल 13,91,427 लोगों की जांच हो चुकी है. जिसमें 27,582 लोग संक्रमित पाए गए हैं. 23,971 लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं. वहीं,137 लोगों की मौत हो चुकी है. जिले में फिलहाल संक्रमित मरीजों की संख्या 3,474 है. जिसमें आज 131 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं.

क्या है बेड की संख्या
जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल को कोविड डेडीकेटेड अस्पताल बनाया गया था. यहां कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 190 बेड की व्यवस्था की गई थी. जिसके बाद बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने 17 निजी अस्पताल को भी चयनित कर कोरोना मरीजों के लिए 179 बेडों की व्यवस्था की, ताकि कोरोना पीड़ित सभी मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सके.

जिलाधिकारी अभिषेक सिंह का कहना है कि 'संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री के द्वारा दिशा निर्देश दिया गया था की अलग-अलग दिन दुकानों और प्रतिष्ठानों को खोला जाएगा. इसके बाद हमने लोगों से सहयोग की अपील कर कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने को कहा. 

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जिला प्रशासन ने फैसला लिया कि अब सप्ताह में बस 1 दिन दुकाने खुलेगीं. गया जिले को इसका लाभ भी मिलना शुरू हुआ. संक्रमण की बढ़ोतरी में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो गई. इस दौरान शहर वासी घर से बाहर आ रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री के द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के निर्णय से गया में संक्रमण का दर रेपिड जेन 2 प्रतिशत आ गया है. किसी भी शहर में 5 प्रतिशत से कम दर होता है तो उसको सुरक्षित माना जाता है. लेकिन अभी लॉकडाउन चल रहा है इसलिए इसका लाभ हमलोगों को मिला रहा है. इस तरह से लोगों का सहयोग आगे भी चाहिए होगा ताकि पुरी तरह से इस संक्रमण की चेन को खत्म किया जा सके.'

जिलाधिकारी ने आगे कहा कि 'लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का उपयोग करें. साथ ही वैक्सीनेशन जरूर करवाएं. कोरोना की इस लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार टीकाकरण ही है जो पूर्ण रूप से सुरक्षित है. मैंने भी टीकाकरण करवाया है जिस कारण कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी मुझे विशेष परेशानियां नहीं हुई.'

बहरहाल गया जिले में कोरोना की रफ्तार धीमी हो गई है जो जिले वासियों के लिए राहत की बात है. इससे संक्रमण की चेन को तोड़ने में भी काफी हद तक मदद मिल रही है. जिले में संक्रमण से मुक्ति में भी तीन गुणा इजाफा हो गया है. 

(इनपुट-जय प्रकाश कुमार)