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देवघर: छठ पूजा के लिए अब तक तैयार नहीं हुए घाट, हो सकता है बड़ा हादसा

 घाटों की साफ-सफाई ज़ोरों शोरों से होने लगती है. सुरक्षा को लेकर खास इंतज़ाम किए जाने लगते हैं. खासतौर पर बाजार भी छठ पूजा के लिए सजने लगते हैं. 

देवघर: छठ पूजा के लिए अब तक तैयार नहीं हुए घाट, हो सकता है बड़ा हादसा
छठ व्रतियों के लिए ये त्योहार वाकई बेहद उत्साहवर्धक होता है.

देवघर: आमतौर पर छठ पूजा को लेकर एक महीने पहले से ही तैयारियां शुरु हो जाती हैं. घाटों की साफ-सफाई ज़ोरों शोरों से होने लगती है. सुरक्षा को लेकर खास इंतज़ाम किए जाने लगते हैं. खासतौर पर बाजार भी छठ पूजा के लिए सजने लगते हैं. छठ व्रतियों के लिए ये त्योहार वाकई बेहद उत्साहवर्धक होता है. 

देश के कई नामचीन छठ घाटों में से हैं झारखंड के देवघर का रामपुर छठ घाट. यहां भी नगर निगम और जिला प्रशासन सभी घाटों की साफ सफाई में जुट जाते हैं. लेकिन देवघर का एक ऐसा भी घाट है, जो हाल फिलहाल बदहाली के कगार पर है. यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. जी मीडिया की टीम ने खुद बदहाली की तस्वीरें कैद की हैं.

 

छठ घाट की बदहाली को लेकर पूजा समितियां भी नगर निगम से समाधान करने का अनुरोध कर रही हैं. लेकिन इस हादसे को टालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही. रामपुर घाट पर हर साल लगभग हज़ार परिवार छठ पर्व मनाते हैं, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर इस बार बारिश अच्छी हुई, तो इस तालाब में पानी भी भरपूर मिलेगा. लेकिन दूसरी तरफ इस तालाब के बीचों-बीच एक हाईटेंशन तार गुजर रही है, लेकिन इस बिजली के तार को हटाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया है. इसके अलावा ट्रांसफार्मर भी इतना नीचे है, कि कोई भी उसे अगर छेड़ दे, तो कभी भी हादसा हो सकता है.

पूजा समितियों की मानें, तो यहां छठ पिछले 15 साल से मनाया जा रहा है. लेकिन नगर निगम इस घाट के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. एक तरफ जहां नए घाट का निर्माण किया गया है, वो भी गुणवत्तापूर्ण नहीं है. दूसरी तरफ बिजली के तार किसी अनजान हादसे को निमंत्रण दे रहे हैं. पूजा समितियों ने इस हाई टेंशन वायर को हटाने की मांग की है. साथ ही ट्रांसफार्मर को भी सुरक्षित करने के लिए निगम को बकायदा चिट्ठी लिखी है. 

ऐसे में अब जरूरत है की आस्था के महापर्व छठ में किसी भी तरह की लापरवाही को टाला जाए, और इस पवित्र पूजा को बिना किसी बाधा के संपन्न किया जाए. प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी जागरुक होने की जरूरत है, जिससे हादसों को रोका जा सके. 
Jyoti, News Desk