ट्रैफिक चालान: घाटशिला में खुला प्रदूषण जांच केन्द्र, पहले जमशेदपुर जाना होता था सर्टिफिकेट बनवाने

जादूगोड़ा पेट्रोल पंप के समीप प्रदूषण जांच केन्द्र खोले जाने से घाटशिला अनुमंडल के लोगों ने राहत की सांस ली है.

ट्रैफिक चालान: घाटशिला में खुला प्रदूषण जांच केन्द्र, पहले जमशेदपुर जाना होता था सर्टिफिकेट बनवाने

रंधीर, घाटशिला : केंद्र सरकार के द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में संसोधन कर इसे श्ख्ती से लागू करवाने के बाद एक तरफ जहां आम लोगों में नाराजगी है वहीं, इस कानून के शख्त होने के बाद लोगों में वाहन के रखरखाव और इसको चलाने को लेकर धीरे-धीरे जागरूकता भी आने लगी है. लोग पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस बनवाने को लेकर जागरूक हो गए हैं.

घाटशिला के जादूगोड़ा पेट्रोल पंप के समीप प्रदूषण जांच केन्द्र खोले जाने से घाटशिला अनुमंडल के लोगों ने राहत की सांस ली है. खासकर दोपहिया वाहन के चालकों को प्रदूषण के लिये पहले जमशेदपुर का चक्कर काटना पड़ता था, लेकिन अब यहीं उन्हें यह सुविधा मिल जाएगी.

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घाटशिला पुलिस प्रशासन ने दोपहिया समेत अन्य वाहन चालकों को कागजात दुरुस्त करने के लिये कुछ दिनों का समय दिया है. सबसे अधिक परेशानी लोगों को प्रदूषण प्रमाण पत्र को लेकर ही था. सभी कागजात ठीक होने के बावजूद प्रदूषण के लिए जमशेदपुर का चक्कर लगाना पड़ता था. अब नए चालान के साथ ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद लोगों में अपने-अपने वाहनों के कागजात को दुरुस्त करने में लगे हैं.

आए दिन प्रदूषण केन्द्र पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है. प्रदूषण केन्द्र के संचालक बताते हैं कि प्रतिदिन 100 से अधिक दोपहिया वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाये जा रहे हैं. इसके साथ ही कार, ट्रक समेत अन्य बड़े वाहन का भी प्रदूषण प्रमाण पत्र बन रहा है.

आपको बता दें कि घाटशिला अनुमंडल के सात प्रखंड में केवल मुसाबनी प्रखंड जादूगोड़ा में ही प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं. जादूगोड़ा में दो जांच केन्द्र खोले गए हैं. पोटका निवासी सुखदेव भगत का मानना है कि गाड़ी चलानी है तो सभी कागजातों तो दुरुस्त रखना ही होगा.