बदइंतजामी : नावादा में खुले आसमान के नीचे बैठकर परीक्षा दे रही है छात्राएं

हेडमास्टर का कहना है कि 9वीं की 800 और 10वीं में की 757 छात्राएं परीक्षा में भाग ले रही हैं. 

बदइंतजामी : नावादा में खुले आसमान के नीचे बैठकर परीक्षा दे रही है छात्राएं
नवादा के सरकारी स्कूल में छात्राएं खुले आसमान के नीचे बैठकर दे रही है परीक्षा.

नवादा : सरकारी तंत्र की लापरवाही और शिक्षा विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैये का खामियाजा विद्यालय की छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय रजौली की सैकड़ों छात्राएं कमरे के अभाव में खुले आसमान के नीचे विद्यालय परिसर में परीक्षा देती नजर आई. जब छात्राओं से खुले आसमान के नीचे परीक्षा देने का कारण पूछा गया तो छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में कमरे ही नहीं हैं. गौरतलब है कि स्कूल में इस समय नवमी और दशमी की परीक्षा चल रही है.

जब स्कूल के प्रधानाध्यापक सतीश कुमार से इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां तीन कमरे हैं और छात्राओं की संख्या लगभग 1500 के आसपास है. इस समय विद्यालय में जांच परीक्षा चल रही है.

हेडमास्टर का कहना है कि 9वीं की 800 और 10वीं में की 757 छात्राएं परीक्षा में भाग ले रही हैं. जगह नहीं होने के कारण पढ़ाई के समय छात्राओं की संख्या थोड़ी कम होती है. परीक्षा के समय लगभग सभी नामांकित छात्राएं स्कूल आती हैं. इस कारण स्थिति और भी खराब हो जाती है. तीन कमरों में सैकड़ों छात्राओं को बिठा पाना संभव नहीं है. इसके कारण छात्राएं जहां-तहां बैठकर परीक्षा देती है. 

लगातार हो रही बारिश की वजह से मैदान भी पूरा गीला है. इस कारण से और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जगह की कमी के कारण छात्राएं विद्यालय के शिक्षकों से उलझ जाती हैं. 

लगभग 30 वर्षों से प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय रजौली का एकमात्र लड़कियों का हाइस्कूल है, जिसमें रजौली प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं. कभी पढ़ाई के कारण प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय रजौली का शान हुआ करता था. छात्राओं की लगातार बढ़ती संख्या और महज तीन कमरों का भवन होने के कारण इसकी स्थिति बद से बदतर हो गई है. बारिश में तो छतों से पानी टपकता है.