रांची: नवरात्र के बाद अब प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी, 'सिंदूर खेला' का हो रहा आयोजन

9 दिनों तक माता की भक्ति के बाद आज मां की विदाई का वक़्त है. इसे लेकर जब मां दुर्गा को विसर्जित किया जाना है जिसे लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है. 

रांची: नवरात्र के बाद अब प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी, 'सिंदूर खेला' का हो रहा आयोजन
विसर्जन से पहले सिंदूर खेला का रिवाज भी होता है.

रांची: 9 दिनों तक माता की भक्ति के बाद आज मां की विदाई का वक़्त है. इसे लेकर जब मां दुर्गा को विसर्जित किया जाना है जिसे लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है. वहीं, मां की विदाई से पहले मां की साजो सज्जा चल रही है और इस दौरान सिंदूर खेला का रिवाज भी होता है.

हालांकि, कोरोना को लेकर सरकारी गाइडलाइन्स के तहत तमाम परंपराएं सादगी से चल रही है. जिसे लेकर सिंदूर खेला का आयोजन बेहद सादगी से आयोजित हुआ जिसके बाद अब से कुछ देर में के बाद दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित किया जाएगा.
आपको बता दें कि नवरात्र का त्योहार रविवार को खत्म हुआ है और सोमवार से प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर भी शुरू हो गया है. हालांकि कोरोना की वजह से इस बार दुर्गा पूजा हमेशा की तरह धूमधाम से नहीं मनाया जा सका है.

विजयादशमी के मौके पर रांची के मोरहाबादी मैदान में हर साल रावण दहन का आयोजन होता आ रहा था पर इस बार कोरोना काल में लगभग 72 वर्षों से चली आ रही परम्परा पर ब्रेक लग गया. इस विजयादशमी हर रांची वासी अपने अपने घरों में रह कर गाइडलाइन का पालन करते हुए कोरोना दहन में जुटे हैं.

मोरहाबादी मैदान में हर साल पंजाबी हिन्दू विरादरी की तरफ से रावण दहन का आयोजन होता आ रहा है. विजयादशमी के मौके पर लाखों की भीड़ मोरहाबादी मैदान में उमड़ती थी ,पर इस बार कोरोना काल के कारण मोरहाबादी मैदान सूना पड़ गया. दरअसल, राज्य सरकार के निर्देश का पालन करते हुए ही आयोजन समिति ने रावण दहन का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया.