बिहारः OFSS पोर्टल से नहीं होगा स्नातक में दाखिला, संबंधित कॉलेज ही लेंगे एडमिशन

बिहार में स्नातक (सत्र 2019-22) में दाखिला एक बार फिर संबंधित कॉलेज ही लेंगे. 

बिहारः OFSS पोर्टल से नहीं होगा स्नातक में दाखिला, संबंधित कॉलेज ही लेंगे एडमिशन
बिहार में संबंधित कॉलेज के द्वारा ही स्नातक में दाखिला लिया जाएगा. (फाइल फोटो)

पटनाः बिहार में स्नातक (सत्र 2019-22) में दाखिला एक बार फिर संबंधित कॉलेज ही लेंगे. पिछली बार बिहार में स्नातक में दाखिला बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के OFSS पोर्टल के जरिए हुआ था. बीएसइबी की तरफ से OFSS पोर्टल से जहां छात्रों को एक साथ दाखिले के लिए 20 कॉलेजों का विकल्प था, वहीं दूसरी ओर स्नातक में बीएसइबी की तरफ से दाखिले को यूनिवर्सिटी के में कामकाज में हस्तक्षेप बताया जाने लगा था. दूसरी ओर एडमिशन की प्रक्रिया भी काफी लंबे समय तक चली थी. सहमति औऱ असहमति के सुरों के बाद राजभवन ने यूनिवर्सिटी को अपने-अपने स्तर से दाखिला देने के निर्देश दिए हैं.    

बिहार में इस बार इंटर पास करने वाले छात्रों का स्नातक का दाखिला बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के OFSS यानि online facilitation for students पोर्टल के जरिए नहीं, बल्कि अब स्नातक में दाखिला विश्वविद्यालय ही ऑनलाइन तरीके से लेंगे. 

दरअसल पिछली बार OFSS के जरिए छात्रों को कॉलेज आवंटित किए गए थे. इस प्रक्रिया को काफी क्रांतिकारी बताया गया था लेकिन बिहार में पिछली बार स्नातक में दाखिले की प्रक्रिया काफी लंबी अवधि तक चली. OFSS पोर्टल में छात्रों के बिहार की सभी यूनिवर्सिटी के स्नातक स्तरीय कॉलेजों में दाखिले के लिए सिर्फ एक क्लिक पर महज 300 रुपये देकर 20 कॉलेजों में आवेदन की सुविधा दी गई थी. 

कोशिश थी कि राज्य के एक हिस्से का छात्र अगर किसी दूसरे हिस्से के बेहतर कॉलेजों में पढ़ना चाहे तो वो पढ़ाई कर सके. बर्शते उसे इंटर में अच्छे अंक हासिल हों. लेकिन छात्रों के लिए OFSS एक मुश्किल इम्तिहान बनकर आया. देखा गया कि छात्रों को ऐसे कॉलेज में दाखिला के लिए कहा गया जहां कि उसके संबंधित विषय की पढ़ाई ही नहीं हो रही थी. 

दूसरी ओर OFSS के जरिए दाखिले को यूनिवर्सिटी की स्वायत्ता में भी हस्तक्षेप माना गया था. इस बार एडमिशन ऑनलाइन होगा यानि छात्र घर से बैठे ही कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन दे सकेंगे. उन्हें कॉलेजों के काउंटर पर लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी. बिहार की यूनिवर्सिटी इसके लिए तैयार हैं.

OFSS से सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना छात्रों को ही करना पड़ा था. छात्रों को एक कॉलेज से दूसरे कॉलेजों को चक्कर लगाना पड़ रहा था. बिहार के छात्रों का भी मानना है कि OFSS एक बुरा अनुभव था बेहतर है कि संबंधित कॉलेजों में ऑनलाइन एडमिशन ही हो. छात्रों को बस इंतजार है इंटर के नतीजे का ताकि रिजल्ट निकलने के बाद वो स्नातक में दाखिला ले सकें.