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झारखंड: विक्षिप्त को बाइक चोर समझकर पीटने चले थे लोग, जीआरपी के जवान ने बचाया

जानकारी के मुताबिक जमशेदपुर के मानगो आजाद नगर निवासी विक्षिप्त सतीश कुमार रायकर अपने घर से भाग गया था. वह ट्रेन में सवार होकर चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था.

झारखंड: विक्षिप्त को बाइक चोर समझकर पीटने चले थे लोग, जीआरपी के जवान ने बचाया
शख्स को थाने में सुरक्षित रख वापस उसके परिजनों को सौंप दिया.

चक्रधरपुर: झारखंड के चक्रधरपुर जीआरपी पुलिस ने मंगलवार रात एक विक्षिप्त को बाइक चोर के नाम पर लोगों के हाथों पीटने से बचा लिया. उसे थाना में सुरक्षित रख वापस उसके परिजनों को सौंप दिया. जानकारी के मुताबिक जमशेदपुर के मानगो आजाद नगर निवासी विक्षिप्त सतीश कुमार रायकर अपने घर से भाग गया था. वह ट्रेन में सवार होकर चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था.

इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में उसे स्टेशन के क्रू-लॉबी कार्यालय के पास बाइक पार्किंग स्टेंड के पास खड़े देखा गया. जिसे लोगों ने बाइक चोर समझकर पकड़ लिया. उसे जीआरपी के हाथों सुपुर्द कर दिया. काफी पूछताछ के बाद जब उसने अपना पता और घर का नंबर दिया तब पता चला कि वो जमशेदपुर निवासी सतीश है और मानसिक रोगी है. घरवालों ने बताया कि सतीश अचानक घर से भाग गया था वो लोग उसकी काफी खोजबीन कर रहे थे. 

 

परिजन चक्रधरपुर जीआरपी थाना पहुंचे. जीआरपी ने औपचारिकता पूरी कर सतीश को उसके परिजनों को सौंप दिया. सतीश को घर वापस लेने आये उसके परिजनों में उसकी पत्नी सारिका रायकर, पिता राम बदन सिंह और भाई दिलीप सिंह जीआरपी थाना पहुंचे थे. परिजनों ने बताया की सतीश काफू गुस्सैल रहता है इसलिए उसे जमशेदपुर ले जाने से पहले उसके हाथों को पीछे से बांध दिया गया था.

जीआरपी ने बताया की सतीश ने थाना से भी भागने की कोशीश की थी लेकिन जीआरपी जवानों ने उसे पकड़ लिया. वहीँ ट्रेन में भी सतीश ने एक यात्री के साथ मारपीट की थी. सतीश की रांची रिनपास में ईलाज चल रहा है. परिजन सतीश के वापस मिलने से खुश नजर आये और जीआरपी को इसके लिए धन्यवाद किया.