बिहार में GST कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज, 30 प्रतिशत कम रिटर्न फाइल

कम्पोजिट स्कीम के तहत भारी छूट मिलने के बावजूद एडवांस टैक्स डीलर टैक्स देने में रुचि नहीं ले रहे हैं. सरकार ने छूट की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ कर रखी है.

बिहार में GST कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज, 30 प्रतिशत कम रिटर्न फाइल
सुशील मोदी ने व्यापारियों और अधिकारियों के साथ की बैठक.

पटना: बिहार में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई है. पिछले साल के मुकाबले इस साल 30 फीसदी जीएसटी रिटर्न फाइल में कमी आई है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को सभी वाणिज्यकर अफसरों के साथ मीटिंग की. मीटिंग विडियोकांफ्रेन्सिंग के जरिये हुई. दो घंटों से अधिक चली इस मीटिंग में व्यापारियों से भी सलाह मशविरा किया गया. बिहार के सभी जिलों से व्यापारी और अधिकारी जुड़े रहे.

बैठक में यह बात सामने आई कि GST कलेक्शन में भारी कमी हुई है. टैक्स कलेक्शन 30 फीसदी तक गिरा है. जीएसटी इनवॉइस लेने वाले रिटर्न फाइल नहीं कर रहें है. अप्रैल से अक्टूबर 2019 के बीच में 30 फीसदी की कमी आई है.

इसके अलावा कम्पोजिट स्कीम के तहत भारी छूट मिलने के बावजूद एडवांस टैक्स डीलर टैक्स देने में रुचि नहीं ले रहे हैं. सरकार ने छूट की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ कर रखी है.

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अफसरों को बताया कि GST कटौती का फायदा कंज्यूमर तक नहीं पहुंच पाई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने 48 गुड्स पर जीएसटी की कटौती की है, बावजूद इसके कंज्यूमर को कोई फायदा नहीं मिल रहा है. उन्होंने बताया कि उत्पाद कम्पनी सामान के दाम में वृद्धि के साथ टैक्स चोरी कर रही है. इसपर नकेल कसने की जरूरत है.

बिहार सरकार टैक्स कलेक्शन में कमी की गति देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने जा रही है. वाणिज्यकर विभाग तीन दिनों तक अभियान चलाकर वैट जमाने से जुड़े मामले का निपटारा करेगा. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा. नई GST रिटर्न की टेस्टिंग होगी.