बिहार: पत्रकार से उपसभापति तक का सफर, JDU ने हरिवंश को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार

रामनाथ ठाकुर बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं, तो हरिवंश पूर्व पीएम चंद्रशेखर के प्रेस सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी गिनती देश के चुनिंदा पत्रकारों में की जाती है.

बिहार: पत्रकार से उपसभापति तक का सफर, JDU ने हरिवंश को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
दोनों की सामाजिक पृष्टभूमि सामाजवाद से जुड़ी रही है.

पटना: जेडीयू ने दो नेताओं हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर को एक बार फिर राज्यसभा भेजने का फैसला लिया है. दोनों की सामाजिक पृष्टभूमि सामाजवाद से जुड़ी रही है. दोनों को मंजा हुआ राजनेता माना जाता है.

आपको बता दें कि रामनाथ ठाकुर बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं, तो हरिवंश पूर्व पीएम चंद्रशेखर के प्रेस सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी गिनती देश के चुनिंदा पत्रकारों में की जाती है.

हरिवंश नारायण सिंह का जन्म 30 जून 1956 को लोकनायक जय प्रकाश नारायण के गांव सिताबदियारा में जन्म हुआ. वो जेपी आंदोलन के काफी प्रभावित रहे. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया, जिसके बाद रिजर्व बैंक के अधिकारी के रूप में करियर शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद टाइम्स ग्रुप के साथ पत्रकारिता शुरू की और पत्रकारिता में पहले गुरु धर्मवीर भारती रहे.

उनके संपादन में निकलनेवाली धर्मयुग से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. इसके बाद रविवार में सहायक संपादक के रूप में काम किया. रांची से निकलनेवाले एक दैनिक अखबार में 26 साल तक बतौर प्रधान संपादक काम किया. इसके बाद 2014 में जेडीयू की ओर से राज्यसभा गए.

हरिवंश नारायण सिंह को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. 2018 में राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश का चुनाव हुआ. वो पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की पसंद थे. उपसभापति के चुनाव में हरिवंश को विरोधी दलों के सांसदों का साथ मिला.

हरिवंश राजपूत जाति से आते हैं और साफ छविवाले विद्वान नेताओं में उनकी गिनती होती है. राज्यसभा के संचालन के दौरान उनके इस रूप को देखा जा सकता है. अमोरिका, इंग्लैंड और जापान समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों की यात्रा हरिवंश कर चुके हैं. 23 अप्रैल 1978 को आशा सिंह से हरिवंश का विवाद हुआ. दोनों को दो संतान हैं, एक बेटा और एक बेटी. हरिवंश एक दर्जन से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं. अब जेडीयू ने हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा भेजने का निर्णय किया है. हरिवंश राय दूसरी बार राज्यसभा सांसद बनेंगे.