स्वास्थ्य सचिव ने कबूला, जमुई-शेखपुरा में टेस्टिंग के दौरान हुई गड़बड़ी, जांच में 3 बातों का हुआ खुलासा

बरहट, सिकंदरा में जांच में गड़बड़ी पाई गई. वहां संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई. आज जमुई के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी पर कार्रवाई कर दी गई है. जबकि, शेखपुरा में जांच के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है.

स्वास्थ्य सचिव ने कबूला, जमुई-शेखपुरा में टेस्टिंग के दौरान हुई गड़बड़ी, जांच में 3 बातों का हुआ खुलासा
स्वास्थ्य सचिव ने कबूला, जमुई-शेखपुरा में टेस्टिंग के दौरान हुई गड़बड़ी, जांच में 3 बातों का हुआ खुलासा.

Patna: बिहार में कोरोना जांच में गड़बड़ी का मामले पर प्रेस को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत (Health Secretary Pratyay Amrit) ने सभी पहलुओं के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि टेस्टिंग के लिए हमने RTPCR और ट्रूनैट (TruNAT) और  एंटीजन किट (Antigen Kit) का इस्तेमाल किया गया है.

प्रत्यय अमृत (Pratyay Amrit) ने कहा कि गड़बड़ी की सूचना के बाद जमुई, शेखपुरा DM को जांच के लिए कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 10 टीमों का गठन कर अलग-अलग जिलों में भेजा गया. 24 जिले के DM को प्रखंड स्तर पर जांच का निर्देश दिया गया. 

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जांच टीम को फोन नम्बर और एड्रेस (Address) का पता लगाने का निर्देश दिया गया. बरहट, सिकंदरा में जांच में गड़बड़ी पाई गई. वहां संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई. आज जमुई के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी पर कार्रवाई कर दी गई है. जबकि, शेखपुरा में जांच के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है.

प्रत्यय अमृत (Pratyay Amrit) ने बताया कि DM की जांच रिपोर्ट में 3 बातें साफ हैं. व्यक्ति मिल रहे हैं लेकिन मोबाइल नम्बर (Mobile Number) किसी और का है. अररिया जिले के फारबिसगंज और अररिया में जांच वाला शख्स तो मिला लेकिन नंबर नहीं मिला. कई जगह ANM का तो कई जगह पर लैब टेक्नीशियन (Lab Technisian) का नंबर दिया गया है. संबंधित अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी किया गया.

उन्होंने कहा कि शिवहर के पुरनिया में भी 30 से 40 प्रखंड में इसी तरह का मामला सामने आया है. बाकी जिलों में 3 से 4 लोगों का नंबर गलत पाया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत (Pratyay Amrit) ने कहा कि भारत सरकार को डिटेल रिपोर्ट (Detail Report) भेज दी गई है. कुछ कर्मचारी पदाधिकारी की गलती के चलते पूरे राज्य के स्वास्थ्यकर्मियों के मेहनत पर सवाल खड़े नहीं किए जा सकते.

बिहार में अलग अलग तकनीक से हुए कोरोना जांच का ग्राफ इस तरह रहा है...

ट्रूनैट (TruNat)- 7 लाख 18 हजार 903
RTPCR- 31 लाख 37 हजार 887
Antigen- 1 करोड़ 79 लाख 33 हजार 630
टोटल जांच- 2 करोड़ 17 लाख 90 हजार 410