गांधी मैदान में होगा रावण वध, सुरक्षा के मद्देनजर नीतीश कुमार ने दिए जरूरी निर्देश

यह कोई पहला मौका नहीं है कि गांधी मैदान में 'दशहरा महोत्सव' के दौरान रावण के पुतले को जलाया जाएगा. 

गांधी मैदान में होगा रावण वध, सुरक्षा के मद्देनजर नीतीश कुमार ने दिए जरूरी निर्देश
गांधी मैदान में 'दशहरा महोत्सव' के दौरान रावण के पुतले को जलाया जाएगा.

पटना: बिहार के पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में इस दशहरा भी असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक 'रावण वध' किया जाएगा. वैसे, यह कोई पहला मौका नहीं है कि गांधी मैदान में 'दशहरा महोत्सव' के दौरान रावण के पुतले को जलाया जाएगा. 

गांधी मैदान में रावण वध की तैयारी को लेकर प्रशासन पूरी तैयारी कर चुका है. रावण वध को ध्यान में रखते हुए गांधी मैदान में अच्छी क्वालिटी के 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी खराब होने पर पदाधिकारियों को फटकार लगाई गई और साथ ही अच्छी क्वालिटी के कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए. 

डीएम एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दोपहर में खुद निरीक्षण किया था. इस बात की जानकारी खुद एसएसपी ने दी. उन्होंने कहा कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और गांधी मैदान को छावनी में बदला जाएगा. पूरा गांधी मैदान लाइट से जगमग होगा. 

आज खुद डीएम, एसएसपी ने गांधी मैदान के सभी गेटों का सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण किया. आपको बता दें कि गांधी मैदान में दशहरा के मौके पर पहली बार वर्ष 1955 में 'रावण वध' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसके बाद अपरिहार्य कारणों के कारण तीन वर्ष छोड़ दें तो प्रतिवर्ष यह आयोजन होता आ रहा है. श्री दशहरा महोत्सव समिति' के अध्यक्ष कमल नोपानी ने आईएएनएस को बताया कि यह पुरानी परंपरा है, जिसमें सभी लोगों का सहयोग मिलता है. 

उन्होंने कहा कि पहली बार इस ऐतिहासिक गांधी मैदान में वर्ष 1955 में दशहरा के मौके पर रावण के वध करने के प्रतीक रावण का पुतला बनाकर उसे जलाया गया था. उसके बाद यह परंपरा बन गई है. वैसे दशहरा महोत्सव समिति के एक अन्य अधिकारी बताते हैं कि वर्ष 1965 और 1971 में चीन और पाकिस्तान युद्ध के कारण यह आयोजन नहीं किया गया था, जबकि वर्ष 1975 में पटना में आई भयंकर बाढ़ के कारण इस आयोजन को स्थगित कर जमा राशि को आपदा कोष में दे दिया गया था.