हेमंत सरकार ने पूरे किए 6 महीने, विरोधियों के निशान पर आए मुख्यमंत्री

हेमंत सरकार के 6 महीने पूरे हो चुके हैं. 6 महीने पूरे होने पर सरकार के काम काज के आकलन को लेकर चर्चा तेज है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानों के सियासी रस्साकस्सी भी दिखाई दे रही है.

हेमंत सरकार ने पूरे किए 6 महीने, विरोधियों के निशान पर आए मुख्यमंत्री
है. हेमंत सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा है कि स्वतंत्र रूप से हमलोग काम नहीं कर पाए.(फाइल फोटो)

रांची: हेमंत सरकार के 6 महीने पूरे हो चुके हैं. 6 महीने पूरे होने पर सरकार के काम काज के आकलन को लेकर चर्चा तेज है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानों के सियासी रस्साकस्सी भी दिखाई दे रही है. हेमंत सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा है कि स्वतंत्र रूप से हमलोग काम नहीं कर पाए.

उन्होंने कहा है कि विधानसभा के सत्र को रोकना पड़ा कोरोना के कारण सारी चीजों को रोकना पड़ा, कोरोना के कारण तीन चार विभाग ने काम किया. स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास कार्य के तहत मनरेगा के काम, कृषि विभाग की तरफ से किसानों को खाद बीज वितरण का काम किया जा रहा है, खाद्य आपूर्ति विभाग ने किसी को भूखा नहीं रहने दिया.मुख्यमंत्री ने उदारता के साथ  जनता को राहत देने का काम किया..राज्य के साथ साथ. राज्य से बाहर भी हेमंत सरकार के काम की प्रशंसा हो रही है. प्रवासी मजदूरों को वापस लाने का कम किया गया.

वहीं, जेएमएम  महासचिव ने कहा इनके कानून व्यवस्था में इनके 5 साल के किसी छमाही की तुलना हमारे छमाही से कर लें हम भारी पड़ेगें. अभूतपूर्व कार्य हुए जिसकी गणना नहीं कि जा सकती ये पूरे देश मे माइल्ड स्टोन साबित हो गया है. हमने मजदूरों को बाहर से झारखंड वापस लाया. बाहर जाने वाले मजदूर का पंजीयन हो रहा है. थानों में खाना खिलाया गया, किसी ने ऐसा सोचा था?

साथ ही बीजेपी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है, बीजेपी  विधायक सीपी सिंह ने कहा है कि सवाल विपक्ष में होने के कारण विरोध में बोलने का नहीं है. इस सरकार में अगर मैं शामिल भी होता तो मन ही मन सरकार के काम पर हंसता.  6 महीने में इनकी एक भी उपलब्धि नहीं , हर तीन महीने पर सरकार अपने 100 दिन की उपलब्धि बताती है, इनकी एक ही उपलब्धि है. इनके सरकार में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गया है पुलिस का इकबाल समाप्त हो गया है.