झारखंड: मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को बंद कर सकती है हेमंत सरकार

पिछली सरकार में मंत्री रहे सीपी सिंह ने कहा कि महिलाओं को सम्मान देने के लिए हम लोगों ने जो योजना लाई थी, उसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण था. अब मौजूदा सरकार इसको भी बंद कर रही हैं.

झारखंड: मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को बंद कर सकती है हेमंत सरकार
झारखंड में पूर्व सरकार की योजनाओं को बंद किया जा सकता है. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड में नई सरकार के गठन के बाद से सूबे में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार पिछली सरकार के फैसले को एक-एक कर बदल डालेगी. यह सवाल इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कि सत्ता की बागडोर संभालते ही पथलगड़ी समर्थकों पर से मुकदमा वापस लेने का ऐलान किया था और अब चर्चा है कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और एक रुपए में 50 लाख तक की संपत्ति महिलाओं के नाम रजिस्ट्री की योजना पर भी ब्रेक लगने की खबर है.
          
जानकारी के मुताबिक, हेमंत सरकार झारखंड में महिलाओं के नाम एक रुपए में रजिस्ट्री की योजना को भी बंद करने की तैयारी में है. हेमंत सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की दलील है कि इस योजना को रघुवर दास (Raghubar Das) सरकार हर महिलाओं को फायदा पहुंचाने लिए लाया गया था पर इसका फायदा बड़े घर की महिलाएं ले रही हैं.

उन्होंने कहा कि करोड़ों की जमीन खरीद रही हैं. अगर करोड़ों की जमीन खरीद सकता हैं तो सरकार को टैक्स देने में क्या आपत्ति है. हम चाहते हैं इससे 300 से 600 करोड़ का जो राजस्व नुकसान हो रहा है, उस राशि को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की सेवा में सरकार खर्च करेगी.

वहीं, कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने कहा कि एक रुपए के रजिस्ट्री समृद्ध महिलाओं के लिए है, पर एक रुपए की रजिस्ट्री को रोककर ज्यादा फायदा गरीब महिलाओं को मिले ऐसी योजना लाई जाए. इधर, जेएमएम प्रवक्ता ने भी साफ कहा कि एक रुपए में जमीन रजिस्ट्री की योजना से राजस्व का नुकसान हो रहा है. जिन वर्गों को इससे फायदा हो रहा था वो 50 लाख तक की संपत्ति खरीद सकते हैं तो उसका राजस्व भी वहन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब, दलित, पिछड़ों के प्रति प्रतिबद्ध है.

वहीं, पिछली सरकार में मंत्री रहे सीपी सिंह ने कहा कि महिलाओं को सम्मान देने के लिए हम लोगों ने जो योजना लाई थी, उसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण था. अब मौजूदा सरकार इसको भी बंद कर रही हैं.

सीपी सिंह ने मौजूदा सरकार पर महिलाओं के सम्मान को अपमान में बदलने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा, 'हेमंत सोरेन जी बदले की भावना बीजेपी से लीजिए, जनता से मत लीजिए.' उन्होंने कहा कि सरकार को भलाई की योजना को बंद नहीं करना चाहिए और उसको चालू रखते हुए अगर को बेहतर योजना हो तो उसे भी चालू करना चाहिए.  
    
वहीं, जेवीएम प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछली सरकार ने महिलाओं को सम्मान और मां-बहनों को सशक्त करने का काम किया है. उन्होंने हेमंत सरकार को इसके पीछे की भावना समझने की सलाह दी है.

गौरतलब है कि झारखंड में हेमंत सरकार पिछली सरकार के कामकाज की समीक्षा कर रही है. साथ ही पिछली सरकार में लागू की गई योजनाओं की भी समीक्षा कर रही है. ऐसे में अंदरखाने जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक, राज्य सरकार एक के बाद एक कुछ पिछली सरकार की योजनाओं को इस बजट सत्र में बंद कर सकती है.