परिवार और दोस्तों के साथ हेमंत सोरेन ने मनाया जन्मदिन, 'बेस्ट फ्रेंड' ने खोले कई राज

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. हेमंत सोरेन ने अपने परिवार और बेहद करीबी दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मनाया.

परिवार और दोस्तों के साथ हेमंत सोरेन ने मनाया जन्मदिन, 'बेस्ट फ्रेंड' ने खोले कई राज
हेमंत सोरेन आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. हेमंत सोरेन ने अपने परिवार और बेहद करीबी दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मनाया. मुख्यमंन्त्री ने कोरोना संक्रमण के कारण बेहद सादगी के साथ कुछ करीबी लोगों के बीच केक काटा और अपना जन्मदिन मनाया.

दोस्त ने खोले राज
सीएम हेमंत सोरेन के कॉलेज के जमाने से साथ रहे राजेश श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हेमंत सोरेन आम तौर पर जितने शांत दिखते हैं, दोस्तों के बीच उतने ही वाचाल हैं. खुद नॉन वेज नहीं खाते हैं लेकिन कॉलेज के जमाने में दोस्तो को बना कर खिलाते थे. 

पुराने गानों के शौकिन हैं सीएम
उन्होंने बताया कि पुराने गानों के शौकिन हेमंत की दिलचस्पी कॉलेज के दिनों में राजनीति में बिल्कुल नहीं थी ,पर परिस्थितिवश राजनीति में आये और यहां भी सफल हुए. उन्होंने ये भी बताया कि सीएम को बाइक का बेहद शौक हैं.

बाइक चलाना पसंदीदा शौक
बाइक चलाना कॉलेज के दिनों से उनका पसंदीदा शौक रहा है. यूं तो आम तौर पर हमेशा अपना जन्मदिन बेहद सादगी से मनाते रहे हैं पर इस बार कोरोना संक्रमण के कारण महज कुछ करीबी लोगों के साथ ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया.

एक्सीडेंटली हुई राजनीति में इंट्री
हेमंत सोरेन ने इंजीनियरिंग ड्राप आउट स्टूडेंट हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि, हेमंत सोरेन अपनी इच्छा नहीं, बल्कि परिस्थितिवश राजनीति में आए हैं. दरअसल, हेमंत सोरेन के बडे़ भाई दुर्गा सोरेन की अचानक मृत्यु हो गई थी और पिता शिबू सोरेन का स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं चल रहा था. इस वजह से हेमंत सोरेन की राजनीति में 'एक्सीडेंटल' रूप से इंट्री हुई.

राज्यसभा से इस्तीफा देकर बनें डिप्टी CM
राजनीति में प्रवेश करने के बाद, हेमंत सोरेन सबसे पहले साल 2009 में संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, लेकिन जनवरी 2010 में उन्होंने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया और राज्य की अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) के नेतृत्व वाली बीजेपी (BJP) सरकार में डिप्टी सीएम बन गए.

कांग्रेस से नहीं बनीं बात
इस सरकार में जेएमएम सहयोगी दल के रूप में शामिल थी. लेकिन बीजेपी-जेएमएम के रिश्ते ज्यादा दिन तक अच्छे नहीं रहे और अत: 2013 में अर्जुन मुंडा की सरकार गिर गई. इसके बाद, राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया. हालांकि, हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के जरिए राज्य में फिर से सरकार बनाने का प्रयास किया, लेकिन जेएमएम नेता का प्रयास सफल नहीं हो पाया.

आलोचनाओं से हुए मजबूत और फिर बने CM
हालांकि, इस दौरान हेमंत सोरेन को पार्टी के अंदर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वह कमजोर नहीं हुआ बल्कि मजबूत बनकर ही उभरे. इसका परिणाम यह हुआ कि, साल 2013 में हेमंत सोरेन ने आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना ली और पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए.

2019 में सत्ता में हुई दोबारा वापसी
बीते 5 वर्षों में हेमंत सोरेन न सिर्फ पार्टी के अंदर अपनी पकड़ मजबूत की, बल्कि झारखंड में अपनी लोकप्रियता बनाई. इसका परिणाम यह हुआ की साल 2019 में, झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन सरकार की राज्य में वापसी हुई और बीजेपी को सत्ता से बाहर होना पड़ा. अब इस सरकार की अगुवाई हेमंत सोरेन कर रहे हैं और आदिवासी समाज को अपने नेता से ढेरों उम्मीद है. क्योंकि पूर्वत्तर सरकार पर हेमंत सोरेन लगातार आदिवासी समाज के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि, आने वाले वर्षों में हेमंत सोरेन राज्य के विकास के लिए क्या करते हैं.