झारखंड: हेमंत सरकार के पहले बजट पर सबकी टिकी हैं निगाहें, 25 फरवरी से शुरू होगा सत्र

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कम से कम 18 कार्य दिवस का बजट सत्र होगा, ताकि हर विभाग पर सदन में चर्चा हो और किसी विभाग को गिलोटिन कराने की आवश्यकता न पड़े.

झारखंड: हेमंत सरकार के पहले बजट पर सबकी टिकी हैं निगाहें, 25 फरवरी से शुरू होगा सत्र
झारखंड में सोरेन सरकार का पहला बजट, 25 फरवरी से शुरू होगा सत्र.

सौरव कुमार, रांची: हेमंत सरकार का बजट सत्र 25 फरवरी के बाद से शुरु होगा और मार्च के अंत तक चलेगा. संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि यह इस सरकार का पहला बजट है. हर चीज को ध्यान में रखा जाएगा फिर चाहे वह किसान का मुद्दा हो, कर्जमाफी की बात हो या फिर किसान को अनाज का उचित कीमत मिलने की बात.

इसके अलावा बेरोजगारी दूर करने की कोशिशि और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की बात के अलावा शिक्षा में बेहतर काम करने की आवश्यकता पर खास ध्यान दिया जाएगा. इसकी झलक सरकार की पहली ही बजट में दिखेगी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कम से कम 18 कार्य दिवस का बजट सत्र होगा, ताकि हर विभाग पर सदन में चर्चा हो और किसी विभाग को गिलोटिन कराने की आवश्यकता न पड़े.

हालांकि बजट सत्र और कार्यदिवस पर अंतिम मुहर कैबिनेट की बैठक में ही लगेगी. वहीं जेएमएम कोटे से मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा मुख्यमंत्री सोरेन की सोच है कि समाज के हर व्यक्ति का विकास करना है. किसान, मजदूर और बेरोजगारी पर खास फोकस होगा. इंफ्रास्ट्रक्चर की बात बाद में होगी. पहले हर क्षेत्र में लोगों का विकास करने वाला बजट होगा.

वहीं राज्य के बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली गठबंधन के इस सरकार में सभी वर्गों का ख्याल रखा जाएगा. गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं को ध्यान में रखकर बजट पेश किया जाएगा. जबकि, बीजेपी के प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा कि केंद्र की सरकार हर संभव झारखंड की मदद करेगी. हेमंत सोरेन को निराश होने की जरूरत नहीं है. साथ ही यह भी कहा कि यहां के लोगों से जो वादा किया है वो पूरा करें.

झारखंड सरकार के बजट पर सबकी निगाहें हैं. विपक्ष की नजर भी सरकार के पहले बजट पर है कि आखिर हेमंत सरकार अपने बजट में किसको प्राथमिकता देती है. साथ ही जो वादा अपने घोषणा पत्र में किया है उसको कितना अमल करती है.