हेमंत सोरेन सरकार काम करने में नहीं, कमाने में लगी हुई है: बाबूलाल मरांडी

ऐसे में व्यक्ति के मन मे नकारात्मक विचार आता है. मेरी सलाह है उनको कि, सकारात्मक सोंचे. सरकार अच्छा काम कर रही है. देश-दुनिया ने झारखंड के काम को सराहा है.

हेमंत सोरेन सरकार काम करने में नहीं, कमाने में लगी हुई है: बाबूलाल मरांडी
हेमंत सोरेन सरकार काम करने में नहीं, कमाने में लगी हुई है: बाबूलाल मरांडी.

रांची: बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि, झारखंड सरकार की प्राथमिकता जो है, उसी पर काम कर रही है. आज यहां ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग का रुप ले चुका है. पैसे का खूब खेल हो रहा है. बालू ,कोयला ,गिट्टी की कालाबाजारी हो रही है, सरकार उसी में लगी है.सरकार काम करने में नहीं कमाने में लगी हुई है.

वहीं, आरजेडी प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामदास सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, बाबूलाल मरांडी जो आरोप लगा रहे हैं, वो जब ये विपक्ष में थे और बीजेपी का शासन था, तब बाबूलाल कहां गए थे. उस समय तो बड़े पैमाने पर ट्रांसफर पोस्टिंग होता था, ये तो सरकारी प्रक्रिया के तहत होता है. खनन का जहां तक बात है, बीजेपी प्राइवेट सेक्टर को देने के लिए उतावला है. बीजेपी अपने करीबी को बालू और खदान का काम देना चाहती है ,उसको गरीब जनता से कोई लेना देना नहीं है.

इस मामले में मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि, एक तरफ बीजेपी के लोग कहते हैं, काम नहीं हो रहा है औऱ फिर काम गिनाना शुरु कर देते. ट्रांसफर पोस्टिंग तीन साल पर होता है, समय पर नहीं होगा तो कहेगें, पदाधिकारी तीन साल से जमे हुए हैं. नियमानुसार ट्रांसफर मना नहीं है. उद्योग क्या बनेगा, इसका मैं खंडन करता हूं.

इधर, कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि,  बाबूलाल घटनोत्तर स्वीकृति लेकर नेता विधायक दल बने हैं. विधानसभा अध्यक्ष उस पर कानूनी सलाह ले रहे हैं, उनके हिस्से कोई काम नहीं है. ऐसे में व्यक्ति के मन मे नकारात्मक विचार आता है. मेरी सलाह है उनको कि, सकारात्मक सोंचे. सरकार अच्छा काम कर रही है. देश-दुनिया ने झारखंड के काम को सराहा है.

वहीं, जेएमएम प्रवक्ता ने कहा कि, पहली बार एक सरकार के सात महीने बीतने पर कोई आरोप नहीं लगा सकता है. एक छटाक कोयला की चोरी नहीं हुई है. अगर आरोप लगाते हैं तो प्रमाण देना होगा. पिछली सरकार ने जो लूट मचा रखी थी, उसकी गोद में जाकर बैठ गए हैं. हाथी ,उड़ाने वाली सरकार, खनिजों का दोहन करने वाली, उसपर उनका बयान नहीं आता है, यह अफसोस कि बात है. पहले पानी पी पी के कोसा करते थे.