बिहार: कोरोना वायरस को लेकर रक्सौल बॉर्डर पर अलर्ट, चीनी नागरिकों को जांच के बाद मिलेगी एंट्री

चीन में कोरोना वायरस से बढ़ रही मौत के खतरा को देखते हुए सरकार ने भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर क्षेत्रो में एलर्ट बढ़ा दिया है. बॉर्डर पर मेडिकल टीम की तैनाती की गई है.

बिहार: कोरोना वायरस को लेकर रक्सौल बॉर्डर पर अलर्ट, चीनी नागरिकों को जांच के बाद मिलेगी एंट्री
सरकार ने भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर क्षेत्रो में एलर्ट बढ़ा दिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मोतिहारी: चीन में कोरोना वायरस से बढ़ रही मौत के खतरा को देखते हुए सरकार ने भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर क्षेत्रो में एलर्ट बढ़ा दिया है. बॉर्डर पर मेडिकल टीम की तैनाती की गई है.

भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर पर स्वस्थ्य विभाग की ओर से इमिग्रेशन कार्यलय के पास एक मेडिकल टीम तैनाती की गई है जो नेपाल के रास्ते भारत मे आने वाले सभी चीनी नागरिको का मेडिकल जांच करेंगे. मेडिकल जांच में पूरी तरह स्वस्थ्य होने पर ही उन्हें भारत में प्रवेश की इजाजत मिलेगी.

अगर मेडिकल टीम को किसी नागरिक में कोरोना वायरस की लक्षण दिखेगा तो उन्हें तत्काल उपचार करके रक्सौल पीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा जहां से जांच का सैंपल लेने के बाद एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल या पटना भेजा जाएगा.

मेडिकल टीम के द्वारा मैत्री बस से गया जाने वाले एक चीनी महिला नागरिक की जांच की गई. हालांकि, महिला में कोरोना वायरस की कोई लक्षण नही मिला है. आपको बता दें कि नेपाल से बहुत सारे लोग चाइना में रहते हैं, और नेपाल के लोगो का भारत मे आना जाना रहता है.

नेपाल के काठमांडू में कोरोना वायरस से पीड़ित एक व्यक्ति की पहचान हुई है लेकिन नेपाल के किसी नागरिक का बॉर्डर पर मेडिकल जांच नही हो रही है. इस बारे में बॉर्डर पर  तैनात डॉ मुराद अली का कहना है कि ऐसी स्थित में कोरोना वायरस ग्रसित नेपाली नागरिक के माध्य्म से भारत मे वायरस बढ़ने की खतरा है. लेकिन सरकार के द्वारा सिर्फ पासपोर्ट के माध्यम से चीनी नागरिकों का पहचान कर उनका मेडिकल जांच करना है.