सुपौल: दम तोड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था, हाथ में उठाकर मरीज को परिजनों ने एंबुलेंस पर चढ़ाया

मरीज की हालत बिगड़ता देख परिजन उसे गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाना मुनासिब समझा. परिजनों ने प्रशासन की लापरवाही का मामला उठाते हुए कहा कि बड़े अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है.

सुपौल: दम तोड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था, हाथ में उठाकर मरीज को परिजनों ने एंबुलेंस पर चढ़ाया
अधेड़ व्यक्ति को हाथ में उठाकर परिजनों ने एंबुलेंस पर चढ़ाया.

सुपौल: बिहार में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार भले सजग होने का दावा करे. मगर जमीनी हकीकत ऐसी है कि आप भी कहेंगे कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है. दरअसल कुछ ऐसा ही देखने को मिला सुपौल जिले के सदर अस्पताल में. यहां एक अधेड़ मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिल तो परिजन उसे गोद मे उठाकर एबुलेंस पर चढ़ाया.

बता दें कि अधेड़ शख्स का नाम गणेश कामत है और वह नगर परिषद वार्ड 21 का रहने वाले है. गणेश गंभीर बीमारी से पीड़ित है. इसके बाद चिकित्सको ने उसे दरभंगा के डीएमसीएच रेफर कर दिया. यहां परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से स्ट्रेचर की मांग की. लेकिन स्ट्रेचर न मिलने पर परिजन ने शोर मचाना शुरू कर दिया.

इसके बाद मरीज की हालत बिगड़ता देख परिजन उसे गोद में उठाकर एंबुलेंस तक ले जाना मुनासिब समझा. परिजनों ने प्रशासन की लापरवाही का मामला उठाते हुए कहा कि बड़े अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है.

वहीं, अस्पताल में तैनात डॉक्टर अजय झा से जब इसको लेकर सवाल किया गया तो, उन्होंने स्ट्रेचर पर ही इलाज की बात करते हुए मामले में अपनी कमी को छुपानी की कोशिश की. गौरतलब है कि ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सूबे के जिलों से सामने आते रहे हैं.