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बिहार: बिक्रम के इस स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल, न डॉक्टर आते न कोई कर्मी

ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल से कोई भी लाभ उन्हें नहीं होता है. एक होमियोपैथिक डॉक्टर है, जो कभी-कभी ही आते हैं. 

बिहार: बिक्रम के इस स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल, न डॉक्टर आते न कोई कर्मी
सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल.

पटना : बिहार की राजधानी पटना के बिक्रम के बराह गांव में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है. यहां न तो डॉक्टर आते हैं और न ही स्वास्थ्यकर्मी. अस्पताल के खुलने या बंद होने का भी कोई समय निश्चित नहीं है. मरीजों की मानें तो अक्सर अस्पताल में ताला ही बंद रहता है. लिहाजा उन्हें इलाज में काफी परेशानी होती है. अस्पताल नहीं खुलने के कारण इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है.

ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल से कोई भी लाभ उन्हें नहीं होता है. एक होमियोपैथिक डॉक्टर है, जो कभी-कभी ही आते हैं. एएनएम पोलियो की खुराक के समय ही दिखती है. नहीं तो उसका भी कोई अता-पता नहीं होता है. शिकायत के बाद भी चिकित्सा अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.

ग्रामीण अस्पताल के नहीं खुलने और डॉक्टर नहीं होने की बात कहते हैं. लेकिन इसके उलट चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि अस्पताल खुलता है और डॉक्टर भी आते हैं. एक लेडी डॉक्टर को भी रखा गया है. जो हफ्ते में तीन दिन आती हैं. हफ्ते में एक दिन होमियोपैथिक डॉक्टर भी आते हैं, जो लोगों को दवा भी देते हैं.

हालांकि चिकित्सा अधिकारी से जब स्वास्थ्य केंद्र के हाल के बार में पूछा गया तो उन्होंने एक हफ्ते पहले ही उसके निरीक्षण की बात कही, जबकि हकीकत इससे कहीं जुदा है.

-- Rajendra Malviya, News Desk