बिहार में बनेगी मानव श्रृंखला, नीतीश कुमार के निर्देश पर 16200 किमी लंबी होगी चेन

 19 जनवरी 2020 को पूरे राज्य के लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े होंगे. इस बार की मावन श्रृंखला पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए कम से कम 16200 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें सबसे बड़ी मानव श्रृंखला मुजफ्फरपुर जिले में बनेगी, जिसकी लंबाई 1320 किलोमीटर होगी. 

बिहार में बनेगी मानव श्रृंखला, नीतीश कुमार के निर्देश पर 16200 किमी लंबी होगी चेन
मानव श्रृंखला के लिए शिक्षा विभाग को ही नोडल विभाग बनाया गया है.

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार में तीसरी बार मानव श्रृंखला बनने जा रही है. 19 जनवरी 2020 को पूरे राज्य के लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े होंगे. इस बार की मावन श्रृंखला पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ते हुए कम से कम 16200 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें सबसे बड़ी मानव श्रृंखला मुजफ्फरपुर जिले में बनेगी, जिसकी लंबाई 1320 किलोमीटर होगी. 

इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन की ओर से चार पेज का निर्देश जारी किया गया है. मानव श्रृंखला के लिए शिक्षा विभाग को ही नोडल विभाग बनाया गया है. निर्देश के मुताबिक जिलों में डीएम और एसपी मानव श्रृंखला बनने का रूट तय करेंगे. मुख्य सड़कों के साथ सहायक सड़कों पर भी मानव श्रृंखला बनेगी. इसमें कक्षा एक से पांच तक के बच्चे भाग नहीं लेंगे.

मानव श्रृंखला की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर बार की तरह इस बार भी गांधी मैदान से शुरुआत करेंगे. 11.30 से 12 बजे तक मानव श्रृंखला बनेगी. शिक्षा विभाग की ओर से जारी किये गये निर्देश में लिखा है कि पिछली मानव श्रृंखला की लंबाई में जिला के हिसाब से 2 फीसदी की वृद्धि की जा रही है. मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से इसका निर्देश दिया गया है. सभी जिलों के डीएम को जारी किये गये निर्देश में 10 दिसंबर तक मानव श्रृंखला का रूट मांगा गया है. इसके लिए जिलों से मैप के साथ पूरा ब्योरा भेजना होगा. 

14 बिंदुओं के निर्देश में ये भी साफ लिखा है कि मानव श्रृंखला में किस-किस को भाग लेना है. इसमें सभी सरकारी कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, सरकारी - गैरसरकारी विद्यालय, महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों, जीविका दीदी, आशा कार्यकर्ता, सेविका, सहायिका और छात्र-छात्राएं मानव श्रृंखला में शामिल होंगे. इसका प्रचार प्रसार भी किया जायेगा. इसके लिए जीविका दीदियों और आक्षर आंचल योजना के कर्मियों को लगाया जाएगा. 

राजनीतिक प्रतिनिधि भी मानव श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे. अपने इलाके में वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया व जिला परिषद सदस्य नेतृत्वकारी की भूमिका में होंगे. समाज के सभी हिस्सों के लोग इसमें भाग लें, इसके लिए कला जत्था के प्रतिनिधि कार्यक्रम करेंगे. नारा लेखन और साइकिल रैली निकालने को भी कहा गया है. 

जनिए कहां कितनी लंबी बनेगी मानव श्रृंखला ( लंबाई किलोमीटर में) 

पटना- 696, भोजपुर- 420, बक्सर- 336, रोहतास- 504,कैमूर- 300, नालंदा- 504,मुंगेर- 240,लखीसराय- 276, जमुई- 408, शेखपुरा- 144,खगड़िया- 240, बेगूसराय- 324, नवादा- 348, गया-516, जहानाबाद-192, अरवल-156, औरंगाबाद-468, सीवान-348, सारण-576, गोपालगंज-444, बांका-408, भागलपुर-360, कटिहार-432, किशनगंज-324, अररिया-432, पूर्णिया- 468, वैशाली-420, मुजफ्फरपुर-1320, सीतामढ़ी-564, शिवहर- 96, पूर्वी चंपारण- 648, पश्चिम चंपारण-648, समस्तीपुर-732, दरभंगा- 444,मधुबनी-492, सहरसा- 240, सुपौल- 384, मधेपुरा-348