झारखंड: IIT IMS ने तैयार किया अनोखा वेंटिलेटर, टेस्ट के बाद बाद होगा इस्तेमाल

चिकित्सा व्यवस्था को आसान बनाया जा सके इसी उद्देश्य के साथ आईआईटी आइएसएम में एक खास तरह का वेंटिलेटर तैयार किया है. आईआईटी आइएसएम ने फिलहाल दो तरह का वेंटिलेटर तैयार किया है. 

झारखंड: IIT IMS ने तैयार किया अनोखा वेंटिलेटर, टेस्ट के बाद बाद होगा इस्तेमाल
दोनों वेंटिलेटर को संस्थान ने पीएमसीएच को सौंप दिया.

रांची: कोरोना वायरस से जंग लड़ने के लिए आइआइटी आइएसएम में एक अनूठा वेंटिलेटर तैयार किया गया है. चिकित्सा व्यवस्था को आसान बनाया जा सके इसी उद्देश्य के साथ आईआईटी आइएसएम में एक खास तरह का वेंटिलेटर तैयार किया है. आईआईटी आइएसएम ने फिलहाल दो तरह का वेंटिलेटर तैयार किया है. इन दोनों वेंटिलेटर को संस्थान ने पीएमसीएच को सौंप दिया. हालांकि, इसका प्रयोग तत्काल नहीं होगा. क्लीनिकल परीक्षण के बाद ही इसका इस्तेमाल संभव है. 

कोरोना वायरस से जंग करने को आइआइटी आइएसएम ने अमेरिका की तर्ज पर एक ऐसा वेंटिलेटर तैयार किया है. जिससे एक साथ चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है. इस वेंटिलेटर पर एक साथ चार लोगों को रखा जा सकेगा. 

इस वेंटिलेटर की सबसे बड़ी खासियत है कि चारों मरीज को उनकी आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन मिलेगा. इस वेंटिलेटर में कई विशेष फीचर भी इनबिल्ड हैं. साधारणतया वेंटिलेटर के साथ दो टी पीस कनेक्टर जोड़ते हैं. ऐसे वेंटिलेटर अमेरिका को छोड़कर अन्य कहीं नहीं है जिससे एक से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सकता हो.

वहीं, इस विशेष वेंटिलेटर आपदा के समय में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें एक को इंसपीरेटरी क्लब के साथ और दूसरे को एक्सपीरेटरी क्लब के साथ जोड़कर एक साथ चार वेंटिलेटर सर्किट कनेक्ट किए गए हैं. इसकी खासियत है कि यह मरीज की उम्र के हिसाब से आक्सीजन मुहैया कराएगा. 

उदाहरण के तौर पर यदि एक मरीज युवा है और दूसरा बुजुर्ग. ऐसे में बुजुर्ग को अधिक आक्सीजन की आवश्यकता होगी. अलग-अलग मरीजों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसमें फ्लो कंट्रोल वॉल्व भी दिया गया है. साथ ही वेंटिलेटर में अलग-अलग साइज के होल है जो डिफ्रेंशियल फॉलो मेंटेन करेगा यानि आक्सीजन को आवश्यकता के अनुसार आक्सीजन मुहैया कराएगा.