पुलिस की मिलीभगत से छपरा में जारी है लाल बालू का अवैध कारोबार

बालू कारोबारियों के हौसले इतने बुलन्द हैं कि वो चाहे दिन का उजाला हो या रात का अंधियारा, अवैध बालू का कारोबार निरंतर चालू रहता है.

पुलिस की मिलीभगत से छपरा में जारी है लाल बालू का अवैध कारोबार
पुलिस की मिलीभगत से जारी है बालू का काला खेल.

छपरा : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बालू खनन के आदेश के बाद भी छपरा में लाल बालू का काला करोबार जारी है. ज़िला प्रशासन ने सिताबदियारा में अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. 

जबसे बिहार सरकार ने लाल बालू के कारोबार को नियंत्रित करने की कोशिश की है, तबसे बालू कारोबारियों और पुलिस की मिली भगत से ये कारोबार और ज्यादा मुनाफे का सौदा हो गया है. बालू कारोबारियों के हौसले इतने बुलन्द हैं कि वो चाहे दिन का उजाला हो या रात का अंधियारा, अवैध बालू का कारोबार निरंतर चालू रहता है.

लोकनायक जय प्रकाश नारायण की जन्मभूमि सिताबदियारा में सरयू के किनारे अवैध बालू कारोबारियों द्वारा बड़ी-बड़ी नाव से बालू लाकर जमा किया जाता है. बाद में जेसीबी और लोडर से ट्रकों और ट्रैक्टर ट्राली में भड़कर पुलिस की मिलीभगत से बेचने का काम किया जा रहा है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन के लोग उसी समय इन अवैध बालू कारोबारियों पर कार्रवाई करते हैं, जब इनको मनमाफ़िक सुविधा शुल्क नहीं मिलता है. लोगों का आरोप है कि मनमाफिक पैसे नहीं मिलने पर बालू को नदी में डाल देते हैं या फिर जब्त करके ले जाते हैं. इनके जाने के बाद नदी में डाले गए बालू को फिर कारोबारी निकालकर बेच देते हैं.

इन बालू कारोबारियों का हौसला इतना बुलन्द है कि इनको किसी का डर नहीं है. आए दिन जब कभी भी दवाब में पुलिस कार्रवाई करने जाती भी है तो ये लोग पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते हैं. दो दिन पहले सोनपुर थाना के पुलिस कर्मी और बालू के अवैध कारोबारियों के बीच संघर्ष की घटना सामने आई थी. इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.

सारण के जिलाधिकारी का कहना है कि बालू के अवैध कारोबारियों पर हमेशा कार्रवाई होती है. बालू जब्त किया जाता है. बालू को नदी में भी डाला जाता है. अवैध बालू कारोबारियों के विरुद्ध प्रथमिकी भी दर्ज की जा रही है.