बिहार: ट्रैफिक चालान से बचने के लिए DTO ऑफिस में उमड़ी भीड़, लाइसेंस बनाने में जुटे लोग

गया के डीटीओ कार्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. लोग लाइसेंस बनाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहे. इस दौरान लोगों ने अपनी परेशानी भी बताई.

बिहार: ट्रैफिक चालान से बचने के लिए DTO ऑफिस में उमड़ी भीड़, लाइसेंस बनाने में जुटे लोग
गया के डीटीओ ऑफिस में लगी लंबी कतार.

गया : नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद गया में बाइक चालकों के बीच खलबली मची हुई है. लाइसेंस (Driving Licence), इंश्योरेंस और प्रदूषण के बिना बाइक चला रहे लोग सड़कों पर पुलिस से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. लोग मुख्य सड़क छोड़कर गली का सहारा लेने को मजबूर हैं. वहीं, पुलिस के चालान से बचने के लिए लोग लाइसेंस, इंश्योरेंस और अन्य कागजात बनाने में भी जुट गए हैं.

गया के डीटीओ (DTO) कार्यालय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. लोग लाइसेंस बनाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहे. इस दौरान लोगों ने अपनी परेशानी भी बताई.

लोगों का कहना था कि गया के डीटीओ कार्यालय में मात्र एक ही काउंटर है, जहां लाइसेंस का फॉर्म जमा किया जाता है. नए नियम लागू होने के बाद दो से तीन काउंटर बनाए जाने की आवश्यक्ता है. लाइसेंस बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. फिलहाल लोगों को करीब तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. लोग लाइन से बचने के लिए दलालों का भी सहारा ले रहे हैं. इससे उनका चांदी कट रही है.

वहीं, प्रदूषण जांच केंद्र पर भी कई खामियां और लापरवाही देखने को मिली. प्रदूषण जांच केंद्र कर्मियों द्वारा बिना जांच किए हुए ही लोगों को 80 रुपए में प्रदूषण जांच सर्टिफिकेट दे दिया जा रहा है. लोगों का कहना है कि सिर्फ खानापूर्ति किया जा रहा है. जबकि प्रदूषण जांच के लिए बाइक के साइलेंसर की जांच करनी होती है.