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बिहारः उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी के घर पर इनकम टैक्स की छापेमारी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के रिश्तेदार के घर इनकम टैक्स विभाग ने रेड की है.

बिहारः उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी के घर पर इनकम टैक्स की छापेमारी
रेखा मोदी के घर पर इनकम टैक्स की टीम ने छापा मारा.

पटनाः बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के रिश्तेदार के घर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की है. आईटी की टीम गुरुवार को रेखा मोदी के पटना स्थित घर पर छापेमारी की है. बताया जाता है कि रेखा मोदी डिप्टी सीएम सुशील मोदी की बहन हैं. हालांकि सुशील मोदी ने खुद कहा था कि रेखा मोदी उनकी सगी बहन नहीं हैं.

इनकम टैक्स विभाग की टीम ने रेखा मोदी के पटना में एसपी वर्मा रोड स्थित घर पर छापामारी की है. हालांकि अभी इस मामले में कोई कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे है. खबरों के मुताबिक रेखा मोदी के अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है.

Income Tax raid on Deputy CM Sushil Modi's sister Rekha Modi's house

बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स ने सृजन घोटाले मामले में कार्रवाई कर रही है. रेखा मोदी के घर पर पुलिस की टीम के साथ इनकम टैक्स विभाग की टीम जांच कर रही है. रेखा मोदी पर आरोप है कि उन्होंने सृजन संस्था के संचालक के जरिए आभूषणों की खरीद की है.

बताया जा रहा है कि दोपहर में इनकम टैक्स विभाग की टीम रेखा मोदी के फ्लैट पर पहुंची. उनके घर में दो महिला और दो पुरुष अधिकारी मौजूद हैं. सरस्वती अपार्टमेंट में उनका फ्लैट दूसरे फ्लोर पर है.

Income Tax raid on Deputy CM Sushil Modi's sister Rekha Modi's house

बिहार के चर्चित सृजन घोटाले में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी का नाम सामने आया था. इसके बाद बिहार में विपक्षी नेताओं ने खूब हंगामा किया था. साथ ही सुशील मोदी पर आरोप लगाया गया था कि वह अपने रिश्तेदारों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि मोदी ने कहा था कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य का घोटाले से कोई संबंध नहीं है.

वहीं, सुशील मोदी ने यह भी कहा था कि उनका रेखा मोदी से कोई लेना-देना नहीं है. रेखा मोदी उनकी सगी बहन नहीं है.

आपको बता दें कि बिहार के भागलपुर जिले में सृजन नाम के एनजीओ को महिलाओं को रोजगार देने के लिए शुरू किया गया था. जिसमें 10 करोड़ रुपये के सरकारी चेक बाउंस होने के बाद एनजीओ में घोटाला होने का मामला सामने आया. जांच में पता चला था कि डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से बैंक से सरकारी पैसे को एनजीओ के खाते में डाला गया. इस मामले में अभी जांच जारी है.