झारखंड: आसमान छूते सब्जियों के दाम ने बढ़ाई चिंता, थाली से दूर होता जा रहा आलू-प्याज

बाजार में सब्जियों के भाव को देखते हुए, लोगों का साफ तौर पर कहना है सब्जी बहुत मंहगा हो गया है. बहुत मंहगाई है, कुछ लोग तो अब मंहगाई के मसले पर बात भी नहीं करना चाहते हैं.

झारखंड: आसमान छूते सब्जियों के दाम ने बढ़ाई चिंता, थाली से दूर होता जा रहा आलू-प्याज
आसमान छूते सब्जियों के दाम ने बढ़ाई चिंता.

रांची: राजधानी रांची में सब्जियों (Vegetable) के भाव आसमान छू रहे हैं. आलू (Potato) और प्याज (Onion) तो पिछले कुछ दिनों से मानो थाली से दूर होने के रास्ते पर हैं. आलू 35  रुपए से 45 रुपए किलो तक बिक रहा जबकि प्याज जो कल तक 20 रुपए किलो बिक रहा था, अब 35 रुपए किलों तक पहुंच गया है. मार्किट में लहसुन 160 रुपए किलो बिक रहा है, जबकि अदरख थोक में 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा है.

हरी सब्जी भी रुलाने पर आमादा है. गोभी 80 रुपए किलो, टमाटर 60 रुपए किलो, भिंडी 40 रुपए किलो, कद्दू 40 रुपए किलो, बिन्स 100 रुपए किलो, खीरा 40 रुपए किलो, धनिया पत्ती 200 रुपए प्रति किलो, बैगन 40 रुपए किलो, कद्दू 40 रुपए किलो, लाल साग भी 40 रुपए किलो, हरा मिर्च 100 रुपए किलो, कच्चा केला 40 रुपए किलो बिक रहा है.

बाजार में सब्जियों के भाव को देखते हुए, लोगों का साफ तौर पर कहना है सब्जी बहुत मंहगा हो गया है. बहुत मंहगाई है, कुछ लोग तो अब मंहगाई के मसले पर बात भी नहीं करना चाहते हैं. इनका कहना है कि कोई सुनने वाला नहीं है. बात करने से कोई फायदा नहीं है. कुछ लोग का कहना है कि मंहगाई है पर क्या करें, खाना तो नहीं छोड़ सकते हैं. वहीं जिन महिलाओं के ऊपर किचन की जिम्मेदारी है, उन्हें आलू ,प्याज और टमाटर की कीमत परेशान कर रहा है. 

उनकी मानें तो मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के किचन तो टमाटर पहुंच भी नहीं रह है. जो व्यक्ति 250 रुपए में थैला भर कर सब्जी लाते थे, उनका ठेला आज  500 रुपए में भी नहीं भर रहा है. दरअसल, हालिया दिनों में सब्जी खास कर आलू-प्याज की कीमत बढ़ती ही जा रही है. इसको लेकर व्यापारी का तर्क है कि आवक कम है, तो सब्जी कीमत सीधे सीधे मध्यम वर्ग के किचन पर अपना असर डाल रहा है.