बिहार मैट्रिक रिजल्ट : पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया, बेटा बना जिला टॉपर

स्टेट टॉप 10 में जगह बनाने में इंद्रजीत महज दो अंकों से चूक गया.

बिहार मैट्रिक रिजल्ट : पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया, बेटा बना जिला टॉपर
इंड्रजीत के पिता मजदूरी कर बेटे को पढ़ाया.

लखीसराय : जिले के चानन प्रखंड स्थित प्लस-टू आर लाल इंटर स्कूल के छात्र इंद्रजीत कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में 443 (88.6 प्रतिशत) अंक प्राप्त कर मैट्रिक में लखीसराय जिला टॉपर बना. मजदूरी करनेवाले वाले पिता सुनील कुमार साव और मां बसंती देवी के लिए मंगलवार की शाम खुशियों से भर देने वाला रहा, जब बेटे इंद्रजीत ने उन्हें यह बात बताई.

स्टेट टॉप-10 में जगह बनाने में इंद्रजीत महज दो अंकों से चूक गया. कभी सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, कभी संसाधनों का अभाव, आर्थिक तौर पर कमजोरी आदि बाधाओं का रोना रोनेवाले छात्रों के लिए वह मिसाल बनकर उभरा है.

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इंद्रजीत ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की. घर की आर्थिक तंगी की वजह से कभी कोई ट्यूशन नहीं लिया. अपने बेटे की सफलता पर माता-पिता काफी गौरव महसूस कर रहे हैं.

गौरतलब है कि बिहार के शिक्षामंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने मंगलवार को परीक्षा परिणाम जारी किए. परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया, "पिछले वर्ष करीब 50 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हुए थे. ऐसे में इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत से ज्यादा परीक्षार्थी सफल हुए हैं." 

इस वर्ष 21 फरवरी से 28 फरवरी के बीच मैट्रिक परीक्षा का आयोजन किया गया था. इस परीक्षा में करीब 17.70 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें आठ लाख 91 हजार 243 छात्र और आठ लाख 78 हजार 794 छात्राएं शामिल थीं. आनंद किशोर ने इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अच्छे परिणाम के लिए प्रश्नपत्रों के पैटर्न में बदलाव और शिक्षा के क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं को माना है.