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पटना पुलिस की लापरवाही की सजा भुगत रहा है बेगुनाह, 16 महीनों से है जेल में बंद

युवक की पत्नी किरण देवी ने कहा कि पुलिस गांव के सबसे सीधे आदमी को कैसे पकड़ ले गई. बिना किसी गुनाह के जेल में बंद कर दी है. लोगों से पैसे मांगकर मैं चक्कर काट रही हूं. 

पटना पुलिस की लापरवाही की सजा भुगत रहा है बेगुनाह, 16 महीनों से है जेल में बंद
पटना के पत्रकार नगर थाना का है मामला.

पटना: बिहार की राजधानी पटना की पुलिस (Patna Police) अपराधी को पकड़ने में भले ही फिसड्डी साबित हो, लेकिन बेगुनाह को जेल भेजेने में आगे है. ताजा मामला पत्रकार नगर थाने का है. पुलिस ने एक बेकसूर को जेल भेज दिया, जो कि डेढ़ वर्षों से जेल में बंद है. इतनी बड़ी लापरवाही ने पटना पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है.

पूरा मामला 15 जनवरी 2006 का है. पत्रकार नगर थाने क्षेत्र से दो युवकों पर शराब के नशे में एक महिला का पर्स छीन कर और उसके साथ दुर्व्यवहार कर भागने का आरोप लगा. स्थानीय लोगों ने युवकों को पकड़कर पत्रकार नगर थाना के हवाले कर दिया. पटना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कृष्ण कुमार को जेल भेज दिया.

कुछ महीने बाद कृष्णा कुमार को कोर्ट से जमानत मिली. लेकिन कोर्ट की तारीख पर हाजिर नहीं होने पर कृष्ण कुमार का बेल टूट गया. कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया. कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पटना पुलिस ने जल्दबाजी में बेगुनाह व्यक्ति कृष्ण सहनी को जेल भेज दिया. 

युवक की पत्नी किरण देवी ने कहा कि पुलिस गांव के सबसे सीधे आदमी को कैसे पकड़ ले गई. बिना किसी गुनाह के जेल में बंद कर दी है. लोगों से पैसे मांगकर मैं चक्कर काट रही हूं. मेरी दो बेटी है. दोनों की शादी हो चुकी है. वही दोनों घर चला रही है. गांव के लोग भी समझाते हैं कि जेल में है तो कभी तो छूट कर आएंगे. बिना गुनाह के पकड़कर पुलिस ले गई है. महिला ने कहा कि मुखिया भी मेरे पति को 5 साल से अधिक से जान रहा है. इसकी पुष्टि उन्होंने लिखित में दी है.

महिला ने कहा कि मेरा पति डेढ़ वर्षों से जेल में बंद है. मजदूर का काम करने वाला अपने घर परिवार को पालता था. हम खुद तकलीफ में हैं. जेल अधिकारी जल्दी छोड़ने का भरोसा दे रहे हैं. महिला ने कहा कि पुलिस को कई बार बोला कि आरोपी के पिता के नाम का मिलान मेरे पति से नहीं हो रहा है, लेकिन पुलिस ने मुंह बंद करा दिया और थाने से भगा दिया. पढ़े-लिखे नहीं थे, इस वजह से दिमाग काम नहीं किया.

कृष्ण सहनी एक जून 2018 से जेल में बंद है. परिजनों ने कोर्ट में बेगुनाह होने का अक्टूबर 2018 में आवेदन दिया तो एसीजीएम कोर्ट ने थाना को 22 नवंबर 2018 को सत्यापन कर रिपोर्ट समर्पित करने का आदेश दिया, लेकिन पत्रकार नगर थाना 11 महीने बाद भी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी है. इस बाबत परेशान होकर परिजनों ने जी मीडिया के माध्यम से गुहार लगाते हुए कृष्णा को छोड़ने की मांग की है.