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खबर का असर: जलजमाव पीडितों को राहत देने के लिए बीमा कंपनी पटना में लगाएगी कैंप

जलजमाव के कारण जिन लोगों के डाक्यूमेंट्स बर्बाद हो चुके हैं, सरकार उनके डाक्यूमेंट्स इंश्योरेंस कंपनियों को देगी. इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से लगने वाले कैंप में परिवहन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे. 

खबर का असर: जलजमाव पीडितों को राहत देने के लिए बीमा कंपनी पटना में लगाएगी कैंप
सरकार की इस पहल पर लोगों ने खुशी जताई है.

पटना: जी मीडिया की खबर का असर हुआ है. राजेन्द्र नगर कंकडबाग के जलजमाव पीडितों को जल्द राहत मिलेगी. सरकार की ओर से इंश्योरेंस कंपनियों को कैंप लगाकर पीडितों की समस्याओं के निपटारे की सलाह दी गई है. राजेन्द्र नगर के लोगों ने सरकार के फैसले की सराहना की है. साथ ही जी मीडिया को उनके बुरे वक्त में साथ देने के लिए धन्यवाद भी दिया है. क्योंकि अपने हक के लिए राजेन्द्र नगर के लोगों ने जब-जब आवाज उठाई तो जी मीडिया मौके पर उनके साथ खड़ी रही.

राजेन्द्र नगर और कंकडबाग के जलजमाव (Water Logging) पीडितों के लिए जी मीडिया की ओर से लड़ी गई इंसाफ की लडाई आखिरकार रंग लाई. सरकार ने जलजमाव पीडितों को आंशिक राहत देने का फैसला लिया है. छठ के बाद इंश्योरेंस कंपनी पीडितों के क्लेम का सेटलमेंट करेंगी. सरकार की ओर से तीस दिनों के अंदर सेटलमेंट का ऑर्डर इंश्योरेंस कंपनियों को दिया गया है.

जलजमाव के कारण जिन लोगों के डाक्यूमेंट्स बर्बाद हो चुके हैं, सरकार उनके डाक्यूमेंट्स इंश्योरेंस कंपनियों को देगी. इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से लगने वाले कैंप में परिवहन विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे. 

सरकार की ओर से की गई इस पहल को लोगों ने सार्थक बताया है. राजेन्द्र नगर की सीमा खन्ना कहती हैं कि हमने अपने हक के लिए प्रोटेस्ट किया था. जी मीडिया ने हमारी इस लड़ाई में साथ दिया. सभी को यह पता था कि यह बाढ़ का नहीं, बल्की ड्रेनेज का पानी था. हम चाहते हैं कि इस जलजमाव में गरीब लोगों का भी काफी नुकसान हुआ है, जिनका ख्याल सरकार को रखनी चाहिए.

जलजमाव पीड़ित एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलजीत खन्ना कि मानें तो अब इश्योरेंस कंपनियों पर निर्भर करता है कि कितनी जल्दी सही तरीके से पीडितों का सेटलमेंट करती है. दिलजीत खन्ना ने भी जी मीडिया को धन्यवाद दिया है. राजेन्द्र नगर के दूसरे पीड़ित भी मानते हैं कि सरकार का कामकाज थोड़ा सुस्त होता है, लेकिन इस मामले में सरकारी घोषणा जमीन पर उतरेगी या कागजों तक ही सीमित रहेगी यह देखना होगा.   

बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. वह सरकार के फैसले को देर से लिया गया दुरुस्त फैसला बता रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि बीमा किये गये सामानों से ज्यादा नुकसान बिना वाले सामानों का हुआ है. आमलोगों को काफी क्षति हुई है. सरकार को हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखते हुए अलग राहत की पॉलिसी तैयार करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि घाव जब ताजा हो तो मरहम की जरुरत भी तत्काल होती है. देर से मरहम का कोई फायदा भी नहीं होता.