झारखंड कांग्रेस में अंतर कलह जारी, इरफान अंसारी बोले-बंद की जाए ड्रामेबाजी

कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि, उमंग हमारे प्रभारी हैं. उनको पार्टी का निर्देश हुआ तो, वो वापस चले गए, किसी के डर से नहीं लौटे हैं.

झारखंड कांग्रेस में अंतर कलह जारी, इरफान अंसारी बोले-बंद की जाए ड्रामेबाजी
उमंग सिंघार के दिल्ली लौटने की खबर जैसे ही मिली, कांग्रेस विधायक इरफान, जो नाराज गुट का नेतृत्व कर रहे थे.

रांची: झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिंघार रांची आए थे, पार्टी  के अंतर कलह को पाटने और विवाद को सुलझाने, लेकिन वह खुद सवाल बनकर बिना बैठक किए ही देर रात वापस दिल्ली वापस लौटे गए. दरअसल, कांग्रेस के सह प्रभारी के झारखंड आने के बाद नाराज गुट की सक्रियता बढ़ी हुई थी पर, बिना मीटिंग किए पहले ही कांग्रेस के सह प्रभारी के दिल्ली लौटने के कारण बैठक स्थगित कर दिया गया.

सिंघार के वापस लौटने को लेकर कोरोना और प्रशासन के आदेश का हवाला दिया गया. वहीं, उमंग सिंघार के दिल्ली लौटने की खबर जैसे ही मिली, कांग्रेस विधायक इरफान, जो नाराज गुट का नेतृत्व कर रहे थे, वह आग बबूला हो गए. उन्होंने कहा, 'सिंघार पार्टी के काम से रांची आए थे, पार्टी आलाकमान ने भेजा था, हमारे नेता को डीसी नहीं रोक सकते, सरकार हमारी है, क्वारंटाइन कुछ नहीं होता है. ये सब ड्रामेबाजी बन्द किया जाए, काम नहीं करेग आदमी, बैठक नहीं होगा क्या? सरकार हमारी है, डीसी की इतनी हिम्मत नहीं की हमारे प्रभारी को क्वारंटाइन कर दे.'

अंसारी ने आगे कहा, 'वो आए थे तो परमिशन लेकर ही आए थे. हमारी सरकार यहां है, हमारे स्पोर्ट से सरकार चल रही है. कोविड है तो आना जाना नहीं होगा क्या, जांच होगी उसकी, एयरपोर्ट पर जांच करिए कोविड है या नहीं, अब तो 10 मिनट में रिजल्ट आता है. कोयला मंत्री आए थे हमलोगों ने कुछ कहा था क्या. झारखंड जो आ रहे वो हमारे अतिथि हैं, उनका हम सम्मान करें.'

वहीं, कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि, उमंग हमारे प्रभारी हैं. उनको पार्टी का निर्देश हुआ तो, वो वापस चले गए, किसी के डर से नहीं लौटे हैं, पार्टी की बैठक करने आए थे, वो अब नहीं हो रही है. जबकि, नाराज गुट के ही विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि, कोई दूसरे राज्य से आता है तो, प्रक्रिया पूरा कर के ही आते है, पर लोग अगर इसको हौआ उड़ा रहे हैं, तो ये सरासर गलत है.

इधर, झारखंड कांग्रस प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा कि, कौन क्या बोलता है, हम नहीं जानते. बोलने का अधिकार सबको है, प्रजातंत्र में कानून सबको मानना चाहिए. डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मना किया गया है, उसका पालन सबको करना है, हम सरकार में हैं, हम ही नहीं मानेंगे तो दिक्कत हो जाएगा.
         
कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने साफ किया कि,  कांग्रेस के सह प्रभारी के झारखंड दौरे को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आने लगी थी, चर्चा होने लगी थी कि, सिर्फ रांची का परमिशन है, बाकी जिलों में जाने की अनुमति नहीं है तो, उस मद्देनजर वापस लौटने का निर्णय लिया होगा, ताकि बिना वजह के विवाद को तूल न दिया जाए. जिस तरह के माहौल बन रहे थे, उनके क्वारंटाइन नहीं होने पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे.

वहीं, प्रदेश प्रवक्ता शमशेर आलम ने कहा कि, इरफान अंसारी लगातार संगठन और सरकार पर बयानबाजी कर रहे हैं. यह सरकार और संगठन के लिए उचित नहीं है. संगठन में हमारे वरिष्ठ नेता हैं, प्रभारी हैं उनसे अपनी तकलीफ रखें. सुर्खियों में बने रहने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. मौजदा सूरते हाल में इरफान संयम बरतें.