मुजफ्फरपुर कांड को लेकर दिल्ली में विपक्ष का धरना एक गंदी राजनीति था : रघुवर दास

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड को लेकर विपक्षी दलों ने मिलकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था.

मुजफ्फरपुर कांड को लेकर दिल्ली में विपक्ष का धरना एक गंदी राजनीति था : रघुवर दास
फाइल फोटो

पटना : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लडकियों के साथ यौन शोषण मामले को दुखदाई बताते हुए आज आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का इस मामले में दिल्ली में धरना गंदी और तुच्छ राजनीति का परिचायक है. पटना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने मामले का जिक्र करते हुए कहा मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में बच्चियों के साथ हुए दुराचार की घटना वाकई एक बड़ी और गंभीर घटना है

उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार को इसके लिए धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने के साथ इस मामले की सीबीआई से जांच की अनुशंसा की और उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच होने की बात कही है. कार्यकम में उपस्थित उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से कहा कि इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई हो ताकि दोषियों को तुरंत सजा हो और पीडितों को जल्द न्याय मिल सके.

रघुवर दास ने कहा कि प्रदेश की राजग सरकार दोषियों को दंडित करके ही रहेगी क्योंकि देश कानून के हिसाब से चलता है. उन्होंने शनिवार को दिल्ली में इसको लेकर विपक्षी दलों के नेताओं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव अथवा वामदल के नेतागण पर प्रहार करते हुए धरना को गंदी और तुच्छ राजनीति का परिचायक बताया.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों को मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले की पीडिताओं से कोई मतलब नहीं बल्कि उन्हें मतलब था कि देश की नरेंद्र मोदी सरकार और नीतीश जी को कैसे घेरा जाए.

रघुवर दास ने विपक्षी दलों के नेताओं पर सत्ता के रोग और प्रधानमंत्री पद के रोग से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए कटाक्ष किया कि पहले तो कांग्रेस के 'शाहजादा' (राहुल गांधी) उस रोग से ग्रसित थे पर अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा नेता अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव तथा बिहार से आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के सुपुत्र (तेजस्वी यादव) भी इस रोग से ग्रसित हो गए हैं.