चाईबासा: जगन्नाथपुर विधानसभा पर टिकी सबकी निगाहें, कोड़ा दंपत्ति के दो करीबी होंगे आमने-सामने

कोडा दंपति के कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे महागठबंधन से टिकट नहीं मिलने के संभावना देखते हुए झारखंड विकास मोर्चा में शामिल हो गए.

चाईबासा: जगन्नाथपुर विधानसभा पर टिकी सबकी निगाहें, कोड़ा दंपत्ति के दो करीबी होंगे आमने-सामने
मधू कोडा और सांसद गीता कोडा के दो बेहद करीबी कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी रूप में चुनाव मैदान में हैं.

चाईबासा: झारखंड के कोल्हान का सबसे हॉट सीट जगन्नाथपुर विधानसभा में इस बार कोड़ा दंपति चुनाव मैदान में नहीं है, इसके बावजूद सबकी निगाहें जगन्नाथपुर सीट पर लगी है. पूर्व सीएम मधू कोड़ा और सांसद गीता कोड़ा के दो बेहद करीबी कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी रूप में चुनाव मैदान में है.

कांग्रेस से सोनाराम सिंकू तो बीजेपी से सुधीर सुंडी चुनाव मैदान में है. वहीं इन दोनों को पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबेंगा पूर् दमखम के साथ चुनौती दे रहे हैं. मंगल सिंह बोबेंगा 1995 में जगन्नाथपुर से झामुमो विधायक रह चुके हैं और पिछले 20 साल से कोड़ा दंपति से चुनाव हार रहे हैं.

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लेकिन इस बार कोड़ा दंपति के कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे महागठबंधन से टिकट नहीं मिलने के संभावना देखते हुए झारखंड विकास मोर्चा में शामिल हो गए. कोड़ा दंपति के गैरमौजूदगी में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबेंगा को उम्मीद है कि जगन्नाथपुर की जनता पहली बार झारखंड विधानसभा में भेजेगी. 

दूसरी तरफ 2014 में बीजेपी के प्रत्याशी रहे मंगल सिंह सुरेन इस बार बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर आजसू के टिकट पर चुनाव लड रहे हैं. जो गन्नाथपुर के जंग को रोमांच बनाने में जुटे हैं.

जगन्नाथपुर में कांग्रेस-बीजेपी को कडी टक्कर दे रहे झाविमो प्रत्याशी मंगल सिंह बोबेंगा बीजेपी सरकार से कहीं अधिक कोड़ा दंपति पर हमला कर रहे हैं, झाविमो प्रत्याशी कोड़ा दंपति पर हमला करते कहते हैं कि 20 साल से दोनों जगन्नाथपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, आरईओ मंत्री और मुख्यमंत्री तक रहे, लेकिन जगन्नाथपुर का विकास नहीं हो सका. वहीं बीजेपी प्रत्याशी सुधीर सुंडी केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच रख रहे हैं.