बिहार: JDU-BJP का RJD पर निशाना, अजय आलोक बोले- दिमाग से परे पार्टी है आरजेडी

अजय आलोक ने कहा है कि, अगर किसी कार्यकर्ता को कोरोनो संक्रमण हो गया तो, इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा. जगदानंद सिंह लेंगे, या फिर तेजस्वी और लालू यादव लेंगे.

बिहार: JDU-BJP का RJD पर निशाना, अजय आलोक बोले- दिमाग से परे पार्टी है आरजेडी
बिहार: JDU-BJP का RJD पर निशाना, अजय आलोक बोले- दिमाग से परे पार्टी है आरजेडी. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की घोषण पर जेडीयू ने पलटवार किया है. जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि, आरजेडी दिमाग से परे पार्टी है. मजदूर वापस आ रहे हैं, हम उनके साथ सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का ख्याल रख रहे हैं.

अगर ऐसे में आरजेडी के कार्यकर्ता उनको फूलमाला पहनाने जाएंगे तो, सोशल डिस्टेंसिंग का क्या होगा.

अजय आलोक ने कहा है कि, अगर किसी कार्यकर्ता को कोरोनो संक्रमण हो गया तो, इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा. जगदानंद सिंह लेंगे, या फिर तेजस्वी और लालू यादव लेंगे. वहीं, क्वारेंटाइन सेंटर को लेकर कहा कि, अगर इतनी चिंता हो रही है तो 10 टन अनाज सभी सेंटर पर पहुंचा दे आरजेडी.

इधर, बीजेपी ने भी आरजेडी पर निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि, आरजेडी अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं को कानून का उल्लंघन करने के लिए उकसा रहें हैं. आरजेडी के कार्यकर्ता स्टेशन जाएंगे तो सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करेंगे.

प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि, अगर आरजेडी को क्वारेंटाइन सेंटर की इतनी ही चिंता है तो, तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को क्वारेंटाइन कराएं. उनको पता चल जाएगा कि कैसी व्यवस्था की गई है. दरअसल, रविवार को बिहार आरजेडी अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दो निर्देश दिए हैं.

जगदानंद सिंह ने आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों के स्वागत का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि, पार्टी कार्यकर्ता जो भी प्रवासी श्रमिक बिहार पहुंच रहे हैं, उसका स्वागत स्टेशन पर फूल-माला के साथ करें.

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि, बिहार में क्वारेंटाइन सेंटर्स की स्थिति ठीक नहीं है. ऐसे में आरजेडी कार्यकर्ता और नेता क्वारेंटाइन सेंटर्स की निगरानी करें. जगदानंद सिंह ने कहा है कि, क्वारेंटाइन सेंटर्स पर व्यवस्थाओं की कमी है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. ऐसे में क्वारेंटाइन सेंटर्स की निगरानी करना बेहद जरूरी है.