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पटना: महागठबंधन के मार्च पर जेडीयू का बयान- 'होटवार मार्च करें ज्यादा अच्छा होगा'

 दो दिन ट्रेड यूनियन के बंद पर राजनीति हुई तो आज महागटबंधन के द्वारा बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ राजभवन मार्च किया जा रहा है. 

जीतन राम मांझी खगड़िया के कार्यक्रम में रहेंगे तो उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली में है. (फाइल फोटो)
जीतन राम मांझी खगड़िया के कार्यक्रम में रहेंगे तो उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली में है. (फाइल फोटो)

रूपेन्द्र श्रीवास्तव,पटना: महागठबंधन के आज राजभवन मार्च  पर विपक्ष ने कहा है कि यह सरकार के मुखिया के द्वारा सही भाषा का प्रयोग नहीं किए जाने के लेकर किया जा रहा है. विपक्ष का कहना है कि सरकार हमेशा तुगलकी फरमान सुनाती है तो सत्ता पक्ष ने करारा जबाब दिया है और कहा है कि बिना जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के कैसे यह मार्च पूरा होगा. 

साथ ही जेडीयू ने कहा है कि बेहतर होगा कि विपक्ष होटवार मार्च करे. बिहार की राजनीति में तीन दिनों से बंद और मार्च चल रहा है. दो दिन ट्रेड यूनियन के बंद पर राजनीति हुई तो आज महागठबंधन के द्वारा बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ राजभवन मार्च किया जा रहा है. वही, इस मार्च में महागठबंधन के सभी दल शामिल हो रहे हैं.

आरजेडी के प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने इस मार्च पर कहा है कि सरकार के तुगलकी फरमान और उनकी भाषा को लेकर यह किया जा रहा है. भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि मुख्यमंत्री का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है और उनको रांची या कोईलवर भर्ती कराया जाना चाहिए.

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महागठबंधन के इस मार्च में घटक के दो बड़े नेता जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा शामिल नहीं हो रहे हैं. जीतन राम मांझी खगड़िया के कार्यक्रम में रहेंगे तो उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली से जब तक पटना पहुंचेंगे तब तक मार्च खत्म जाएगा.

विपक्ष के राजभवन मार्च पर बीजेपी ने निशाना साधा है और पार्टी के विधायक जीवेश कुमार ने कहा है कि विपक्ष के मार्च का कोई औचित्य नहीं है. इस मार्च में ना जीतनराम मांझी रहेंगे और ना उपेंद्र कुशवाहा. यह गठबंधन नहीं है बल्कि ठग बंधन है या दोनों नेता महागठबंधन में बैठकर अपने मुख्यमंत्री बनने का ख्याली पुलाव बना रहे हैं.

बाहर से  तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं तो वहीं, जब तेजस्वी यादव कोई काम सामूहिक रूप से करते है तो यह लोग अलग हो जाते हैं. यह विपक्ष का मार्च नहीं है बल्कि किसी दल विशेष का मार्च है.

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जेडीयू ने महागठबंधन को होटवार मार्च करने का सलाह दे डाली है. पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि 'होटवार मार्च' होता तो सीट शेयरिंग पर फैसला हो जाता. महागठबंधन के राज बल्लभ यादव शहाबुद्दीन और नए अवतार अनंत सिंह का बैनर पर नाम और कैदी नंबर डाल कर मार्च करना चाहिए. 

राजनीति में राजनेता अपने फायदे के अनुसार कोई भी मुद्दा उठाते हैं. जिस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है उससे जनता को कोई फायदा होने वाला नहीं है लेकिन नेता जी को जरूर फायदा होगा. इन नेताओ को जनता भी जानने लगी है.

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