)
Ghosi Vidhan Sabha Election 2025: घोसी विधानसभा सीट हमेशा से राजनीतिक हलचल का केंद्र रही है. यादव और भूमिहार की बड़ी आबादी वाले इस क्षेत्र में सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता जातीय संतुलन से होकर गुजरता है. इतिहास गवाह है कि 1977 से 2010 तक इस सीट पर पूर्व सांसद और चारा घोटाले के आरोपी जगदीश शर्मा और उनके परिवार का दबदबा रहा. लेकिन हाल के चुनावों में यह समीकरण बदल गया है और भाकपा (माले) ने यहां अपनी पकड़ मजबूत की है.
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में भाकपा (माले) के रामबली सिंह यादव ने जदयू उम्मीदवार राहुल कुमार को 17,333 वोटों से हराकर यहां से जीत दर्ज की. इससे पहले 2015 के चुनाव में जदयू के कृष्णनंदन वर्मा ने इस सीट से जीत हासिल की थी और वे राज्य के शिक्षा मंत्री बने थे.
आगामी चुनाव को देखते हुए इस बार कई दिग्गज मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. मौजूदा विधायक रामबली सिंह यादव (भाकपा माले) दोबारा किस्मत आजमा सकते हैं. वहीं पूर्व विधायक राहुल कुमार फिर से वापसी की तैयारी में हैं. जनसुराज से अनुराधा सिन्हा भी इस सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. जदयू ने राजीव नयन उर्फ राजू सिंह को मैदान में उतारने की रणनीति बनाई है, जबकि लोजपा से सत्येंद्र सिंह के भी दावेदारी की चर्चा है.
घोसी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर जनता में असंतोष है. सिंचाई और उद्योग का अभाव यहां के किसानों और युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. साथ ही बेरोजगारी भी इस क्षेत्र का प्रमुख चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है.
यह सीट यादव और भूमिहार समुदाय के वोटों पर टिकी रहती है. इन दोनों जातियों की बहुलता यहां के चुनाव परिणाम को प्रभावित करती है. यही कारण है कि सभी दल जातीय समीकरण साधने की कोशिश में लगे हैं.
बिहार की नवीनतम अपडेट्स के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहाँ पढ़ें Bihar News in Hindi और पाएं Bihar latest News in Hindi हर पल की जानकारी. बिहार की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!