झारखंड चुनाव: पहले चरण के मतदान के लिए दूर-दराज के इलाकों में विशेष सतर्कता

मुख्य निर्वाचन आयोग ने भी नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बुधवार को सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिए हैं.

झारखंड चुनाव: पहले चरण के मतदान के लिए दूर-दराज के इलाकों में विशेष सतर्कता
झारखंड के दूर-दराज के इलाकों में विशेष सतर्कता. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग तैयार है. प्रथम चरण में 30 नवंबर को होने वाले मतदान को देखते हुए राज्य के छह जिले गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला, लोहरदगा और चतरा में अतिरिक्त सशस्त्र बलों की तैनाती की जा रही है. 

मुख्य निर्वाचन आयोग ने भी नक्सल प्रभावित इलाकों में मतदान के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बुधवार को सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिए हैं. संबंधित जिलाधिकारियों (उपायुक्तों) और पुलिस अधीक्षकों से खासकर दूर-दराज इलाकों में मतदानकर्मियों को भेजने और लाने के लिए विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं. 

इस बीच, झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों के अलावा झारखंड के सशस्त्र बलों की 137 कंपनियां तैनात की गई हैं. प्रत्येक कंपनी को संभालने की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को दी गई है. इन बलों में 90 कंपनी अद्घ्र्रसैनिक बल और झारखंड पुलिस की 47 कंपनियां शामिल हैं. इसके अतिरिक्त सभी जिलों में गृह रक्षकों को भी तैनात किया गया है. 

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सभी छह जिलों में जिन बाहरी बलों को तैनात किया गया है, उनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), ओडिशा पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस, मेघालय पुलिस, सिक्किम पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), बिहार पुलिस, त्रिपुरा पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), छत्तीसगढ़ पुलिस, आंध्र प्रदेश पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस शामिल हैं.

उल्लेखनीय है कि पहले चरण में जिन छह जिलों की 13 विधानसभा सीटों के लिए 30 नवंबर को मतदान होना है, वे सभी नक्सली प्रभावित इलाके हैं. गौरतलब है कि पिछले कई चुनावों से नक्सली संगठनों द्वारा चुनाव बहिष्कार की घोषणा की जाती है.