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सीएम रघुवर दास ने की पीएम मोदी से मुलाकात, शुरू हुई झारखंड में सियासत

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्स लिये हैं. 

सीएम रघुवर दास ने की पीएम मोदी से मुलाकात, शुरू हुई झारखंड में सियासत
सीएम रघुवर दास ने पीएम मोदी से मुलाकात की. (फोटो साभारः Twitter)

रांचीः दिल्ली में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्स लिये हैं. लेकिन इस मुलाकात पर राजनीति शुरू हो चुकी है. विपक्ष का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री का कोई टिप्स झारखंड में काम नहीं करेगा, दिल्ली के गलियारों में ही वो टिप्स घूमते रह जाएंगे.

मुख्यमंत्री के द्वारा प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है. झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री का टिप्स दिल्ली के गलियारे में घूमते रह जाएंगे. लोकसभा चुनाव के विषय कुछ और होते हैं, विधानसभा चुनाव के विषय कुछ और होते हैं. 

उन्होंने कहा प्रदेश आज जिस स्थिति से गुजर रहा है. उसके लिए सीएम रघुवर दास जिम्मेदार है. यहां लोग भूखमरी, प्सास से मर रहे हैं. किसान आत्महत्या कर रहे हैं. लड़कियों को सुरक्षा नहीं मिल रही है. अब झारखंड की जनता इस झांसे में नहीं आनेवाली है. बीजेपी केवल हर चीज पर राजनीति कर रही है. अब योग दिवस पर झारखंड की धरती से देश भर में राजनीति करने की सोच रहे हैं.

जेएमएम ने भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात पर हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मुद्दे और चेहरे अलग हो जाते हैं वहां मोदी जी चेहरा थे. इसलिए उन्हें लोगों का समर्थन मिला. लेकिन झारखंड में उनके पास चेहरा नहीं है. हमारे पास हमारे जनप्रिय नेता हेमंत सोरेन चेहरा हैं. और उनका सुनहरा 14 महीने का कार्यकाल लोगों के दिल में बसा है. उस 14 महीने के लकीर को रघुवर दास अभी तक पार नहीं कर पाए हैं.

मुख्यमंत्री के प्रधानमंत्री से मुलाकात पर विपक्ष के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि जब गुरुजी चुनाव हार गए तब फिर जेएमएम इस तरह की बड़ी-बड़ी बातें करता है. यह आश्चर्य की बात है इन्हें सोचने और मंथन करने की जरूरत है. जिसे भगवान का दर्जा दिया जाता था वह दुमका का चुनाव हार गए, और संथाल में 2 सीट हार गए तो यह जनता के बीच में भ्रम फैलाने के लिए इस तरह की बात कर रहे हैं.