बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई और शादी तक 70 हज़ार रूपये देगी सरकार- रघुवर दास

सुकन्या योजना के लिए जागरूकता के लिए सीएम रघुवर दास गुमला में लोगों को संबोधित किया.

बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई और शादी तक 70 हज़ार रूपये देगी सरकार- रघुवर दास
सीएम रघुवर दास ने गुमला में लोगों को सुकन्या योजना के लिए जागरुक किया.

गुमलाः झारखंड के गुमला में स्थित अल्बर्ट एक्का स्टेडियम से दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय मुख्यमंत्री सुकन्या योजना जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमन्त्री रघुवर दास ने कहा, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का उद्देश्य है झारखण्ड की बेटियों का सम्पूर्ण सशक्तीकरण. विभिन्न राज्यों में लिंगानुपात में कमी हो रही है इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से आह्वान किया था बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ. 

उन्होंने कहा झारखंड के संदर्भ में हम देखें तो लिंगानुपात में ज्यादा अंतर नहीं है. झारखंड में आदिवासी समाज का लिंग अनुपात अच्छा है लेकिन शहरों में रहने वाले लोग अल्ट्रासाउंड के माध्यम से बेटा हो रहा है कि बेटी को देख चुनाव करते हैं और जिस कारण बच्चियों की संख्या कम हो रही है. भ्रूण हत्या पर रोक लगे इसीलिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट आदेश दिया है. कि जो अस्पताल या डाक्टर इस घिनौने कार्य में लिप्त है उनका लाइसेंस रद्द करें और ऐसे डाक्टर को जेल भेंजें.  

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्त्री सृष्टि की शक्ति है और इस शक्ति को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देष्य से ही हमारी सरकार ने 24 जनवरी 2019 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ चाईबासा से किया था. उन्होंने कहा कि राज्य अमीर है परंतु यहां के लोग गरीब हैं. हमे इस गरीबी को समाप्त करना है और अगर गरीबी से लड़ने का साधन शिक्षा है. शिक्षा से ही राज्य की गरीबी को समाप्त कर सकते हैे. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में कोई फर्क ना हो इसे भी हमें ध्यान में रखने की जरूरत है. 

उन्होंने कहा कि कन्यादान पुण्य का काम हैं लेकिन बिना विद्यादान के कन्यादान का पुण्य प्राप्त नहीं होता इसलिए विद्यादान के बाद ही कन्यादान . उन्होंने गुमला की दो बच्च्यिों का उदाहरण देते हुये कहा कि इसी गुमला से दो बच्चियां ममता कुमारी और बिरसमुनी कुमारी ने कम उम्र में उसके माता-पिता द्वारा के दबाव का जमकर विरोध किया और दोनों बच्चियां आज कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाई कर रही है. 

उन्होंने कहा कि कन्यादान पुण्य का काम हैं लेकिन बिना विद्यादान के कन्यादान का पुण्य प्राप्त नहीं होता इसलिए विद्यादान के बाद ही कन्यादान. उन्होंने गुमला की दो बच्च्यिों का उदाहरण देते हुये कहा कि इसी गुमला से दो बच्चियां ममता कुमारी और बिरसमुनी कुमारी ने कम उम्र में उसके माता-पिता द्वारा के दबाव का जमकर विरोध किया और दोनों बच्चियां आज कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाई कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि तभी से मेरे मन में यह विचार आया कि बेटियों के लिये कोई ऐसी योनायें बनाई जाये ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आये और गरीबी एवं अज्ञानता के कारण उनकी कम उम्र में शादी न हो. इसी को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभांरभ किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कम उम्र में शादी के लिए दबाव बनाए तो 181 में कॉल करें और मैं अनुरोध करता हूं कि कम उम्र में बच्चों की शादी ना करें हमारे बच्चों को पढ़ने दो खेलने दो और पढ़ाई के बाद ही शादी की जाए इसकी चिंता हर माता-पिता को करनी चाहिए. क्योंकि पहले पढ़ाई फिर विदाई . 

(रिपोर्टः कुमार चंदन)