कोरोना पर भारी पड़ी आस्था! हजारों लोग मंदिर में कर रहे है मां की उपासना

Chaibasa Samachar: भक्त मां केरा को प्रसन्न करने व भक्ति माँ केरा के प्रति दर्शाने के लिए कांटों की बिछाई सेज पर लोटते हैं.

कोरोना पर भारी पड़ी आस्था! हजारों लोग मंदिर में कर रहे है मां की उपासना
कोरोना पर भारी पड़ी आस्था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Chaibasa: पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर में कोरोना के कहर पर आस्था भारी पड़ गई है. यहां केरा गांव के ऐतिहासिक केरा मंदिर (Kera Temple) में हर साल की तरह इस बार भी भक्तों का भीड़ उमड़ी है और भक्तों ने कर्मकांड कर मां केरा से कोरोना के प्रकोप से बचाने का वरदान मांगा. 

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बता दें की हर साल चैत्र नवरात्र के दौरान केरा मंदिर में मां की उपासना की जाती है. इस दौरान भक्त मां केरा को प्रसन्न करने व भक्ति माँ केरा के प्रति दर्शाने के लिए कांटों की बिछाई सेज पर लोटते हैं. वहीं, आग के अंगारों पर भी भक्त झूमते हुए नंगे पांव चलते हैं. केरा में यह नजारा इस साल भी देखने को मिला है. 

साथ हीं, झारखंड़ समेत पूरे देश में कोरोना को लेकर दहशत है. वहीं, चक्रधरपुर के केरा मंदिर में भक्तों के अंदर अजब सी आस्था व भक्ति का जोश दिखा. यहां भक्ति और आस्था ऐसी है कि कोरोना का खौफ तो दूर भक्त कांटों की सेज पर लेट रहे है और अंगारों से बनी राह पर झूमते हुए नागे पांव चल रहे है. 

सैकड़ों साल पुरानी केरा मंदिर में मां भगवती
मां केरा को प्रसन्न करने के लिए भक्तों का यह कर्मकांड आज से नहीं बल्कि कई सालों से चला आ रहा है. साथ हीं, रजवाड़े के जमाने से चली आ रही यह परंपरा आज भी जीवित है. वहीं, मान्यतानुसार ऐसा करने पर माता की कृपा भक्तों पर समग्र रूप से होती है. यही वजह है कि दोनों कार्यक्रमों में श्रद्धालु अपने बच्चों को भी शामिल करते है.

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कोरोना के कारण नहीं लगा मेला
कोरोना के कारण बस इस मंदिर के आसपास बड़ा मेला नहीं लगाया गया है नहीं तो यहां मेला का भव्य दृश्य देखने को मिलता है. जिसमें चक्रधरपुर ही नहीं बल्कि पश्चिम सिंहभूम जिले के आसपास व पड़ोसी राज्य ओडिशा से लोगों की भारी भीड़ केरा में उमड़ती है. लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने मेला व दुकान लगाने की इजाजत नहीं दी है. वहीं, मेला न सही पर मंदिर  में भक्तों के कर्मकांड को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ गई है. 

(इनपुट-आनंद प्रियादर्शनी)