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पलामूः नॉन बैंकिंग चिटफंड कंपनी का भंडाफोड़, ग्राहकों को फंसा कर किया करोड़ों का घोटाला

झारखंड के पलामू जिले में नॉन बैंकिंग चिटफंड कंपनी का संचालन का सिलसिला जारी है. अब पलामू पुलिस ने एक और चिटफंड कंपनी का खुलासा किया है.

पलामूः नॉन बैंकिंग चिटफंड कंपनी का भंडाफोड़, ग्राहकों को फंसा कर किया करोड़ों का घोटाला
पलामू में पुलिस ने फर्जी चिटफंड कंपनी का खुलासा किया है.

पलामूः झारखंड के पलामू जिले में नॉन बैंकिंग चिटफंड कंपनी का संचालन का सिलसिला जारी है. पूर्व में एक कंपनी AVI नेट बैंकिंग की अभी तक सीबीआई जांच कर रही है. वहीं, दूसरी ओर पलामू पुलिस ने एक और चिटफंड कंपनी का खुलासा किया है. इंफ़्रा वेब ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा ग्राहकों से पैसे इन्वेस्ट कराए जा रहे थे.

कंपनी द्वारा हर माह 3.30 प्रतिशत ब्याज दर देने के नाम पर अब तक जिले के 100 ग्राहकों से लगभग 7 करोड़ 80 लाख रुपए घोटाला करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने कंपनी के संचालक सुरजीत लाल पासवान को डाल्टेनगंज से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके पास से एक इको स्पोर्ट कार समेत कई बैंक के एटीएम व पासबुक बरामद किया है.

मामले का खुलासा करते हुए एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि इस कंपनी के खिलाफ सभी विभाग को सूचना दी गई है. जिससे की इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो सके. पुलिस कंपनी से ग्राहकों को हर संभव पैसा वापस दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

एसपी ने यह भी खुलासा किया कि, इस फर्जी कंपनी ने राज्य के कई जिले में मेडाल कंपनी फ्रेंचाइजी ले रखी है. उन्होंने कहा कि इस बारे में मेडाल कंपनी के अधिकारियों विधिवत सूचना दे दी गई है कि वह इसके पैसे को रिलीज न करें.   

इधर मामला सामने आने के बाद ग्राहकों में हड़कंप मच गया है. दिन-रात मेहनत कर कोई ग्राहक अपनी बेटी की शादी के लिए तो कोई अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे का इन्वेस्टमेंट इस कंपनी में की थी. लेकिन खुलासे के बाद ग्राहकों डरे और मायूस हो गए हैं. उनका कहना है कि कंपनी द्वारा एक दो माह तक जमा पैसे के बदले ब्याज की रकम दी जा रही थी. लेकिन कुछ दिन बाद ब्याज देना बंद कर दिया था.

पुलिस ने इस फर्जी नॉन बैंकिंग कंपनी का पर्दाफाश किया है. लेकिन सवाल यह है कि सरकार इस तरह के फर्जी कंपनियों को रोकने में नाकाम है. फिलहाल पलामू में हुऐे इस खुलासे में जांच चल रही है. और कंपनी को चलाने वाले अहम मास्टर माइंड को पकड़ने में लगी है. लेकिन ग्राहकों के पैसे को पुलिस कब तक वापस दिला देगी इसका उन्हें इंतजार है.