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बढ़ सकती हेमंत सोरेन की मुश्किलें, सोहराय भवन निर्माण मामले में कार्रवाई के आदेश

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा कि सीएनटी कानून के रक्षक होने का झामुमो का झूठ सामने आ गया. खुद झामुमो के सुप्रीमो ने सीएनटी कानून की धज्जियां उड़ा कर गरीब आदिवासी से कौड़ियों के मोल पर सोहराय भवन की जमीन खरीदी थी.

बढ़ सकती हेमंत सोरेन की मुश्किलें, सोहराय भवन निर्माण मामले में कार्रवाई के आदेश
बढ़ सकती है हेमंत सोरेन की मुश्किलें. (फाइल फोटो)

रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हरमू रोड स्थित सोहराय भवन निर्माण के मामले में सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया है. 20 मई 2019 को राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने रांची कमिश्नर को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि जांच रिपोर्ट और महाधिवक्ता की राय संलग्न कर भेजी जा रही है. जांच रिपोर्ट और महाधिवक्ता की राय के आधार पर जरूरी कार्रवाई कर विभाग को सूचित किया जाए.

जानकारी के मुताबिक, सोहराय भवन जिस जमीन पर बना है, उसका डीड हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम से है. यह जमीन किसी आदिवासी की थी. इसे कोई बाहर का व्यक्ति नहीं खरीद सकता है. बाद में उसी जमीन पर सोहराय भवन का निर्माण किया गया. मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट जनरल अजीत कुमार ने बताया कि उनसे कानूनी राय मांगी गई थी.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा कि सीएनटी कानून के रक्षक होने का झामुमो का झूठ सामने आ गया. खुद झामुमो के सुप्रीमो ने सीएनटी कानून की धज्जियां उड़ा कर गरीब आदिवासी से कौड़ियों के मोल पर सोहराय भवन की जमीन खरीदी थी. प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है. राज्य सरकार के लिए कानून की नजर में सभी बराबर हैं.

उन्होंने कहा कि यह तो शुरुआत है. सोरेन परिवार पर उन्होंने सीएनटी, एसपीटी की धज्जियां उड़ाकर गोड्डा, दुमका, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह सहित सात शहरों में गरीब आदिवासियों से जमीन लेने का आरोप भी लगाया. उन्होंने सरकार से जांच कराने की मांग की है.

वहीं, इस पूरे मामले पर झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि विधानसभा चुनाव है इसलिए सरकार इस तरह के हथकंडे अपना रही है. सरकार देवाशीष गुप्ता की रिपोर्ट (जिसका गठन इसी सरकार ने किया) सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की पत्नी इसी मोहल्ले की निवासी हैं. उन्होंने सरकार पर गलत भावना से इसक तरह के हथकंडे अपनाने के आरोप लगाया है.

बहरहाल देखना होगा कि आखिरकार विधानसभा चुनाव नजदीक है. ऐसे में इसे राजनीतिक रंग देना शुरू हो गया है. एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी जारी है. अब इस सीएनटी/एसपीटी को लेकर क्या कुछ सामने आता है देखना होगा.