Hazaribagh में रामनवमी के जुलूस को लेकर सियासी जंग, SC जाने की तैयारी में BJP!

Hazaribagh Samachar: इस बार जुलूस निकालने को लेकर माहौल कुछ ज्यादा ही गर्म है. क्योंकि कोरोना के मद्देनजर सरकार का आदेश है कि किसी भी तरह का जुलूस नहीं निकाला जाए.

Hazaribagh में रामनवमी के जुलूस को लेकर सियासी जंग, SC जाने की तैयारी में BJP!
रामनवमी के जुलूस को लेकर सियासी जंग. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Hazaribagh: हजारीबाग की रामनवमी यानी श्रीराम जन्मोत्सव पूरे देश में प्रसिद्ध है. इसे लेकर महीने भर पहले यानी होली के बाद से ही मंगला जुलूस निकाला जाने लगता है. हालांकि सरकार ने Corona के मद्देनजर जुलूस निकालने पर रोक लगा रखी है. इसके बावजूद हजारीबाग में रामभक्त जुलूस निकालने के लिए अड़े हुए हैं. जिसकी वजह से कई बार पुलिस-प्रशासन को इन लोगों से जूझना पड़ रहा है. तो वहीं इसे लेकर सियासत भी चरम पर है.

बता दें कि हजारीबाग में होली के बाद पहले मंगलवार से रामनवमी तक हर मंगलवार को जुलूस निकाला जाता है. कोरोना के चलते पिछले साल भी इस जुलूस पर रोक लगा दी गई थी. लेकिन इस बार जुलूस निकालने को लेकर माहौल कुछ ज्यादा ही गर्म है. क्योंकि कोरोना के मद्देनजर सरकार का आदेश है कि किसी भी तरह का जुलूस नहीं निकाला जाए. इस आदेश को लेकर हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा और जिला प्रशासन आमने-सामने हैं. जयंत सिन्हा Covid-19 की गाइडलाइन के अनुसार रामनवमी जुलूस निकालने की वकालत कर रहे हैं.

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वहीं, इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष भी मैदान में आ गया है. Congress से राज्यसभा सांसद धीरज साहू ने जयंत सिन्हा के बयान को हठधर्मिता बताते हुए उनपर आपसी सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया. धीरज ने कहा कि, 'BJP के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए राम का नाम लेकर राजनीति की जा रही है. जब सरकार ने अच्छा-बुरा सोचते हुए जुलूस ना निकालने का आदेश जारी कर रखा है, तो ऐसे में सांसद का इस तरह लोगों को उकसाना दुर्भाग्यपूर्ण है. इस पर केंद्र सरकार को ही संज्ञान लेना चाहिए ताकि कोविड-19 प्रसार झारखंड में रामनवमी के बहाने ना हो पाए इसी में लोगों की बेहतरी है.'

विवाद इन्हीं बयानों तक नहीं थमा .बीजेपी तो धार्मिक जुलूसों पर पाबंदी के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में है. लिहाजा इसे लेकर भी बयानों के शोले खूब भड़क रहे हैं. झारखंड सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि, 'बीजेपी को सुप्रीम कोर्ट जाने के बजाय पार्टी सुप्रीमो के पास जाना चाहिए. बीजेपी के मुंह में राम और बगल में छुरी है, जबकि हमारे तो दिल में भगवान राम है.'

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वहीं, मिथिलेश ठाकुर के बयान पर बीजेपी विधायक CP Singh ने पलटवार किया है. सी पी सिंह ने कहा कि, 'धार्मिक जुलूसों को लेकर सरकार दोहरे मापदंड के साथ काम कर रही है, सिर्फ धार्मिक कार्यक्रमों पर ही प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ देखी जा रही है.' सीपी सिंह ने मिथिलेश ठाकुर को जवाब देते हुए कहा कि, 'राम हम सभी के देव हैं और हमारे सिर्फ मुंह में राम नहीं होते हैं, बल्कि हम जीते भी हैं तो राम के लिए और मरते भी हैं तो चर्चा राम की ही होती है.'