रघुवर सरकार ने नेतरहाट में खत्म किया 'लाल आतंक', बढ़ रही है टूरिस्टों की संख्या

समुद्रतल से 3622 फीट की ऊंचाई पर बसा नेतरहाट. रांची से 154 किलोमीटर की दूरी पर है. पहले यहां नक्सलियों के डर से पर्यटक कम आते थे, लेकिन रघुवर सरकार ने लाल आतंक को खत्म किया.

रघुवर सरकार ने नेतरहाट में खत्म किया 'लाल आतंक', बढ़ रही है टूरिस्टों की संख्या

रांची: रघुवर सरकार के प्रयास से झारखंड में पर्यटकों का तादाद हर साल बढ़ रही है. सिर्फ नेतरहाट में इस साल एक लाख से ज्यादा देसी और विदेशी सैलानी आ चुके हैं. सरकार ने नेतहरहाट में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई है. घने जंगल, ठंडी स्वच्छ हवा, घुमावदार रास्ते और घने पेड़ों को चीर कर धरती को छूती सूरज की किरणें नेतरहाट की सुन्दरता में चार चांद लगा देती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के अद्भुत नज़ारे, छोटी-बड़ी पहाड़ियों, घने जंगलों के बीच फुर्सत के पल बिताना काफी सुखद है और इसलिए यहां लाखों की संख्या में हर साल पर्यटक आते हैं. 

समुद्रतल से 3622 फीट की ऊंचाई पर बसा नेतरहाट. रांची से 154 किलोमीटर की दूरी पर है. पहले यहां नक्सलियों के डर से पर्यटक कम आते थे, लेकिन रघुवर सरकार ने लाल आतंक को खत्म किया, जिसके बाद पर्यटक यहां बेखौफ प्रकृति के बीच अपना समय गुजारने देश विदेश से आते हैं. स्थानीय निवासी सुधीर ब्रिज्या ने कहा, ''यहां की सुंदरता देश-विदेश में प्रसिद्ध है. सूर्योदय और सूर्यास्त का यहां का सबसे मनोरम दृश्य है.'

नेतरहाट में देश का प्रसिद्ध आवासीय स्कूल की स्थापना 1956 में की गई थी. इस स्कूल से निकलने वाले छात्रों ने ना सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों में भी झारखंड का मान बढ़ाया. पर्यटक यहां आकर अपना समय बिताते हैं. रघुवर सरकार ने नेतरहाट में पर्यटकों के लिए बेहतर इंतजाम किया है...और यहीं वजह है कि पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है..।

लातेहार के डीडीसी अनिल सिंह ने कहा, 'रघुवर सरकार के प्रयासों के पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. पहले 60 हजार पर्यटक साल में नेतरहाट और बेतला क्षेत्र में आते थे. इस साल एक लाख से अधिक पर्यटक यहां आ चुके हैं.' दार्जिलिंग, शिमला और मसूरी की तरह नेतरहाट भी खूबसूरत है. रघुवर सरकार इसे टूरिस्ट हब बनाने में जुटी है, जिससे सैलानियों की संख्या और बढ़े. साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले.

(Exclusive Feature)