झारखंड में जल्द लागू होगी नई शिक्षा नीति, सरकारी स्कूलों में बदलेगा सिलेबस
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झारखंड में जल्द लागू होगी नई शिक्षा नीति, सरकारी स्कूलों में बदलेगा सिलेबस

राज्य में फिलहाल कक्षा एक से आठ तक के सिलेबस में झारखंड से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है. वहीं, कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी (NCERT) की किताब के आधार पर पढ़ाई होती है. नई शिक्षा नीति के तहत सामाजिक अध्ययन व कुछ अन्य विषयों में झारखंड से जुड़े विषय को शामिल किया जाएगा. 

झारखंड में जल्द लागू होगी नई शिक्षा नीति, सरकारी स्कूलों में बदलेगा सिलेबस

Ranchi: झारखंड में नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के अनुरूप कक्षा एक से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, यह बदलाव 2023 से लागू होगा. नई शिक्षा नीति में प्राइमरी, मिडिल, हाई और प्लस टू के लिए तय किए गए प्रावधानों को उसी के अनुरूप लागू करने के लिए शिक्षकों की टीम लगाई जाएगी. अगले साल से नए सिलेबस के अनुसार किताबों की छपाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

बता दें कि राज्य में फिलहाल कक्षा एक से आठ तक के सिलेबस में झारखंड से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है. वहीं, कक्षा नौ से 12वीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी (NCERT) की किताब के आधार पर पढ़ाई होती है. नई शिक्षा नीति के तहत सामाजिक अध्ययन व कुछ अन्य विषयों में झारखंड से जुड़े विषय को शामिल किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिलेबस में बदलाव को लेकर विषय विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी. इसके लिए आवश्यकता अनुरूप एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी. साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले कई संस्थानों को भी पत्र लिखा गया है. इनमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TATA Institute of Social Sciences), अजीम प्रेमजी फाउंडेशन (Azim Premji Foundation) और आरइ भुवनेश्वर शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, नई शिक्षा नीति के लागू होने के साथ स्कूली शिक्षा के ढांचे में भी बदलाव किया जाएगा. इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूली शिक्षा से जोड़ा जाएगा. तीन साल आंगनबाड़ी में प्रीस्कूल इन शिक्षा होगी और अगले दो साल पहली और दूसरी की क्लास स्कूलों में होगी. पांच सालों की पढ़ाई एक्टिविटी के आधार पर होगी. इसमें 8 साल तक के बच्चों को एक्टिविटी के आधार पर पढ़ाया जाएगा. इसे फाउंडेशन स्टेज के रूप में जाना जाएगा.

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इधर, तीसरी से पांचवी, छठी से आठवीं और नौवीं से 12वीं के अलग-अलग स्कूल होंगे. तीसरी से पांचवी और छठी से आठवीं में विषय आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा. नौवीं से 12वीं माध्यमिक शिक्षा की पढ़ाई होगी. इसमें छात्र-छात्राओं को विषयों को चुनने की छूट होगी. वहीं, छठी क्लास से ही स्किल डेवलपमेंट के कोर्स भी शुरू होंगे.

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