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फरक्का बांध पर बिहार सरकार को मिला विपक्ष का साथ, मांझी बोले- जरूरी है तोड़ना

जीतन राम मांझी ने कहा कि फरक्का के विषय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार उठा चुके हैं. इस मुद्दे पर मेरी पार्टी पूरी तरह से नीतीश कुमार के साथ है. 

फरक्का बांध पर बिहार सरकार को मिला विपक्ष का साथ, मांझी बोले- जरूरी है तोड़ना
फरक्का बांध पर बिहार सरकार को मिला विपक्ष का साथ. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार सरकार ने बाढ़ के स्थाई निदान के लिए केंद्र सरकार से गंगा नदी पर बने फरक्का बराज को तोड़ने की मांग की है. सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा (Sanjay Jha) ने इस बांध को बिहार का शोक तक करार दिया है. सरकार की इस मांग का विपक्ष ने भी समर्थन किया है. हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा कि हम इस विषय पर पूरी तरह नीतीश कुमार के साथ खड़े हैं.

जीतन राम मांझी ने कहा कि फरक्का के विषय को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई बार उठा चुके हैं. इस मुद्दे पर मेरी पार्टी पूरी तरह से नीतीश कुमार के साथ है. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी फरक्का बांध को बड़ी समस्या करार दिया है. साथ ही उन्होंने बिहार सरकार भी निशाना साधा है.

मनोज झा के मुताबिक, फरक्का डैम एक बड़ी समस्या है, लेकिन अभी समस्या फरक्का डैम के कारण नहीं उत्पन्न हुई है. यह पूरी तरह से प्रशासनिक चूक का नतीजा है. मनोज झा ने कहा, 'संजय झा भले ही फरक्का डैम का विषय उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि क्या पटना का ड्रेनेज सिस्टम फरक्का डैम के कारण जाम है? क्या पानी भरने की समस्या फरक्का के गेट खोल दिए जाने से खत्म हो जाएगी?'

ज्ञात हो कि संजय झा ने कहा है कि फरक्का बाराज को तोड़े बिना या गंगा में जमी गाद को साफ कराए बिना बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता है. इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में पहल करने की अपील की है. संजय झा यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि बिहार के लिए फरक्का बराज शोक बन गया है. उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं. 

बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा की अविरलता नहीं बची है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इलाहाबाद से पटना की दूरी 515 किलोमीटर है. इस दूरी तो तय करने में पानी को 48 घंटा लगता है. वहीं, पटना से फरक्का की दूरी है 400 किलोमीटर. इस दूरी तय करने में लगभग 9 दिन लगते हैं. यह स्थिति गाद के कारण उत्पन्न हो रही है. उन्होंने कहा कि फरक्का को तोड़े बिना समस्या का समाधान नहीं है. अगर नहीं तोड़ते हैं तो उसके बनावट को बदला जाए. पटना से फरक्का तक गाद निकाला जाए.