close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पटना: मांझी का महागठबंधन को 2 दिन अल्टीमेटम, RJD बोली- छोड़कर जाने से नहीं पड़ेगा फर्क

जीतन राम मांझी ने महागठबंधन (Mahagathbandhan) से अलग होने का मन बना लिया है. मांझी के इस कदम को लेकर आरजेडी और बीजेपी उन पर निशाना साध रही है.

पटना: मांझी का महागठबंधन को 2 दिन अल्टीमेटम, RJD बोली- छोड़कर जाने से नहीं पड़ेगा फर्क
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं जीतन राम मांझी. (फाइल फोटो)

पटना: हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (HAM)  और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi)  ने रविवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी (Mukesh Sahni ) से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच ये काफी मुलाकात थी. माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों नेताओं ने आगे की रणनीति की बारे में चर्चा की.

मुकेश सहनी से मुलाकात के बाद जीतन राम मांझी रविवार दोपहर ही राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होंगे. दिल्ली में मांझी कुछ बड़े नेताओं से मुलाकात करेंगे. आपको बता दें कि जीतन राम मांझी ने महागठबंधन (Mahagathbandhan) से अलग होने का मन बना लिया है. इस बाबत रविवार को मांझी की पार्टी एचएएम अलग होने का औपचारिक ऐलान कर सकती है.  

जानकारी के मुताबिक, रविवार को हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के युवा प्रकोष्ठ की बैठक होनी है. इस बैठक के बाद मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा महागठबंधन से अलग होने का घोषणा करेगी. बताया जा रहा है कि मांझी महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनाए जाने से नाराज हैं. वहीं, सूत्रों की मानें तो, मांझी ने महागठबंधन को दो दिन का समय दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर महागठबंधन में दो दिन के अंदर समन्वय समिति नहीं बनाई जाती, तो हम फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं.

इसके साथ ही मांझी ने कहा कि महागठंबधन में हमारी हैसियत चींटी जैसी है, लेकिन हाथी चढ़ने की कोशिश करेगा तो चींटी काटेगी, चाहे वो मर ही क्यो न जाए. वहीं, एनडीए (NDA) को समर्थन देने के लिए भी मांझी ने 3 शर्त रखी है. मांझी ने कहा कि अगर निजी क्षेत्र में आरक्षण, न्यापालिका में आरक्षण और समान स्कूल शिक्षा प्रणाली अगर एनडीए लागू करती है तो मैं उन्हें समर्थन दे दूंगा.

आपको बता दें कि इससे पहले मांझी ऐलान कर चुके हैं कि उनकी पार्टी झारखंड विधानसभा चुनाव और बिहार में 2020 में होने वाले चुनाव को अलग होकर लड़ेगी. वहीं, मांझी के इस कदम को लेकर बीजेपी के नेताओं का कहना है कि वह अपनी राजनीति बचाने का प्रयास कर रहे हैं. जबकि आरजेडी मांझी के कदम को लेकर निशाना साध रही है.आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि मांझी वरिष्ठ नेता है लेकिन अगर उन्होंने महगठबंधन छोड़ने का मन बना लिया है तो, वह भविष्य में पछताएंगे. 

तिवारी ने कहा कि मांझी के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और वह जहां पर जाएंगे वह नाव डूबना तय है. जानकारी के मुताबिक, महागठबंधन की तरफ से मांझी को मनाने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha)  ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, मांझी महागठबंधन के साथ हैं.  ऐसे में देखना होगा कि मांझी आने वाले समय में क्या कदम उठाते हैं, लेकिन अगर जीतन राम मांझी महागठबंधन छोड़ते हैं तो, ये किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा.